राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) केरल के दो मछुआरों की कथित तौर पर हत्या के आरोपी दो इतालवी नौसैनिकों पर लगे गंभीर आरोपों को हटा सकती है, जिसके तहत उन्हें फांसी तक सजा हो सकती है।
गृह मंत्रालय के अधिकारी ने संकेत दिए कि चार्जशीट दाखिल करते समय गंभीर आरोपों को हटाया जा सकता है।
इससे पहले इन नौसैनिकों पर समुद्री नेविगेशन और फिक्स्ड प्लेटफॉर्म की सुरक्षा के लिए बने कांटिनेंटल शेल्फ एक्ट, 2002 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके मुताबिक हत्या की सजा सिर्फ सजा ए मौत है।
अधिकारी ने बताया, ‘एनआईए नौसैनिक मासिमिलियानो लातोर और साल्वातोर गिरोन के लिए मौत की सजा की मांग नहीं करेगी। भारत पहले ही इटली को इस बात का आश्वासन दे चुका है।’
हालांकि उनका कहना है कि पांच दशक पुराना प्रत्यर्पण एक्ट उन्हें हत्या के आरोप से बचने में मदद नहीं कर सकता क्योंकि न तो वह भगौड़े हैं, और न ही वह इटली से प्रत्यर्पित कराए गए हैं। मगर फिर भी भारत द्वारा इटली को दिए गए आश्वासन का सम्मान करेंगे।