रेलवे के डीजल इंजनों से होने वाला उत्सर्जन कितना प्रदूषित है इस बात की जांच के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रेल मंत्रालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
ग्रीन पैनल ने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उत्सर्जन मानकों की तुलना के आधार पर तैयार होनी चाहिए। वहीं ट्रिब्यूनल ने रेल मंत्रालय, आईआईटी दिल्ली के सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ बैठक के भी निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। द्वारका के स्थानीय निवासी एसके गोयल ने एनजीटी में इस संबंध में याचिका दाखिल की थी।
याचिका में कहा गया था कि रेलवे के लोकोमोटिव डीजल इंजन की वजह से कई खतरनाक गैसों का उत्सर्जन होता है। इसके बाद ग्रीन पैनल ने रेलवे को उच्चस्तरीय बैठक में उत्सर्जन के मानकों को तय करने के निर्देश दिए हैं।