जम्मू-कश्मीर में गोलीबारी, आतंकी घुसपैठ की कोशिशों और राजनयिक संबंधों में तनातनी के बीच पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की है। दोनों के बीच कुछ देर वार्ता भी हुई।
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गौरतलब है कि पेरिस में 150 देशों के राष्ट्र प्रमुख जलवायु परिवर्तन के मसले पर बातचीत के लिए इकट्ठा हुए हैं। ये मुलाकात पहले से तय नहीं थी। पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज की टीवी फुटेज में दोनों नेता सोफे पर बैठकर बात कर रहे हैं। शरीफ की ओर झुककर बैठे मोदी उनसे कुछ कह रहे हैं, और वे बहुत ही गंभीरता से उसे सुन रहे हैं।
इससे पूर्व दोनों नेता रूस के उफा में मिले थे। उस समय दोनों देशों ने संबंधों को सामान्य करने के लिए बातचीत की दिशा में आगे बढ़ने का फैला किया था। हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत से पहले ही बातचीत बंद हो गई। अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र संघ के सम्मेलन में शामिल होने गए नेता एक ही होटल में ठहरे थे, लेकिन मुलाकात नहीं की।
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दो दिन पहले नवाज शरीफ ने कहा था कि वे बिना शर्त भारत से बातचीत के लिए तैयार हैं, हालांकि भारत सरकार ने उनके प्रस्ताव पर ठंडी प्रतिक्रिया दी।
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मुस्लिम परिवार को सिनेमा घर से निकाला
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें राष्ट्रगान के लिए न खड़े होने पर एक मुस्लिम परिवार को सिनेमा घर से बाहर कर दिया गया। दो मिनट के इस वीडियों को वहां मौजूद किसी दर्शक ने मोबाइल से बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर इसे वायरल कर दिया।
साथ ही उसने वाट्सअप पर भी इस वीडियो को सेंड कर दिया, इसके बाद ये वीडियो हजारों बार आदान-प्रदान किया गया। वीडियो में दिखाया गया है कि एक परिवार के लोगों से वहां मौजूद कुछ दर्शक फिल्म की शुरूआत में राष्ट्रगान के लिए न खड़े होने के लिए कहा-सूनी कर रहे हैं।
एक दर्शक उनसे ये सवाल पूछता नजर आ रहा है कि वह अगर चार घंटे कि फिल्म देख सकते हैं तो कुछ मिनट राष्ट्रगान के लिए खड़े क्यों नहीं हो सकते। वह परिवार उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा है लेकिन उनके प्रयास उनपर बेअसर रहते हैं।
इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने जबरदस्ती उस परिवार को सिनेमा घर से बाहर निकाल दिया और बाकी मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर इसका स्वागत किया। हालांकि इस घटना के बाद न ही वह परिवार और न ही सिनेमा घर की तरफ से को टिप्पणी आयी है।
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अगड़ी जाति के लिए मायावती ने मांगा आरक्षण
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बसपा अध्यक्ष मायावती ने अगड़ी जातियों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगड़ी जाति को आरक्षण देने की बात क्यों नहीं की?
मायावती ने कहा कि यदि 27 नवंबर को पीएम मोदी ऐसा करते तो यह बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होती।
साथ ही मायावती ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पीएम मोदी विदेश दौरों पर होते हैं तो ही उन्हें भगवान बुद्ध और उनके संदेश याद आते हैं। तब वो बुद्ध द्वारा दिए गए शांति और मानवता के दिए गए संदेश की बात करते हैं लेकिन यहां भारत में उनका दल और मंत्रिमण्डल उसके विपरीत यहां काम करते हैं।
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आप सरकार ने पेश किया जनलोकपाल बिल 2015
दिल्ली विधानसभा में आज भारी हंगामे और विवादों के बीच जनलोकपाल विधेयक 2015 पेश किया गया। सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे पेश किया। इस बिल के मौजूदा मसौदे को लेकर दिल्ली सरकार पर जमकर हमले हो रहे हैं।
बिल का जहां आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव महाजोकपाल करार देते हुए विरोध किया। मौजूदा लोकपाल बिल का विरोध कर रहे स्वराज अभियान के नेताओं और प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को हिरासत में भी लिया गया।
वहीं भाजपा ने भी इसे जनता के साथ धोखा करार दिया है। जबकि दिल्ली सरकार ने इस आम जनता को शक्ति प्रदान करने वाला बिल बताया है। दिल्ली सरकार के मुताबिक जनलोकपाल बिल 2015 दिल्ली में भ्रष्टाचार विरोधी कानून को नया रूप दिया गया है और यह बेहद मजबूत कानून है।
जनलोकपाल विधेयक में ये हैं खास प्रावधान - बदनीयती और जानबूझकर शिकायत करने वालों को एक साल तक की सजा व एक लाख रुपये का होगा जुर्माना - छह महीने में जांच पूरी करनी होगी, अधिकतम एक साल तक तारीख बढ़ाई जा सकेगी - जनलोकपाल अभियोजन विंग बनाएगा, मुकदमा चलाने की अनुमति जनलोकपाल ही देगा - कम से कम छह महीने की सजा होगी, जो 10 साल तक बढ़ाई जा सकेगी - दुर्लभ मामलों में आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई जा सकेगी - किसी व्यापारिक संस्थान को फायदा पहुंचाने से सरकारी खजाने को हुए नुकसान पर उक्त अधिकारी से पांच गुना जुर्माना वसूला जा सकेगा।
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वाम सांसद ने राजनाथ पर लगाया आरोप, हुआ हंगामा
लोकसभा में असहिष्णुता पर चल रही बहस उस समय हंगामे में तब्दील हो गई जब मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगा दिया।
आरोप पर राजनाथ ने कड़ी आपत्ति जताई और भाजपा सदस्य समर्थन में खड़े हो गए। सांसद सलीम द्वारा लगाए गए आरोप के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'मैं इससे आहत हुआ हूं और अगर ऐसा बयान कोई गृहमंत्री देता है तो उसे पद पर बने रहने का कोई नैतिक हक नहीं है।'
वहीं दूसरी ओर सांसद सलीम ने असहिष्णुता पर बहस करते हुए कहा कि हमें अखलाक की हत्या पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असहिष्णुता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं? सलीम ने कहा कि देश में असहिष्णुता खुल्लम-खुल्ला हो रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ने सांसद सलीम के बयान को रिकॉर्ड में रखने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि सांसदों को बिना नोटिस के इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए।
'दामादश्री' के कथित भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे में आखिर रॉबर्ट वाड्रा कहां हैं? भाजपा मुख्यालय में पिछले साल 27 अप्रैल को एक संवाददाता सम्मेल में रविशंकर प्रसाद, जेपी नड्डा और बीकानेर से सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने 'दामादश्री' नाम की एक आठ मिनट की फिल्म दिखाई थी। इसके साथ ही अंग्रेज़ी में एक बुकलेट भी जारी की गई थी।
'दामादश्री' में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए गए थे जिनमें घोटालों का बादशाह, देश का सौदागर और किसानों का अपराधी जैसी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया था।
नरेंद्र मोदी को सत्ता में आए डेढ़ साल हो चुके हैं। लेकिन मोदी समर्थक पूछ रहे हैं कि रॉबर्ट वाड्रा मामले को गरमाने वाली भाजपा की जांच की रफ्तार धीमी क्यों है? वो इसे बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार से भी जोड़ रहे हैं।
ट्विटर पर फजलू थानेदार लिखते हैं, ''मोदी जी देश इंतजार कर रहा है कि आप रॉबर्ट वाड्रा को उसकी काली कमाई के लिए जेल के दर्शन कब करवाएंगे। कब आएगा वो दिन।'' खुद को भाजपा और नरेंद्र मोदी का फ़ैन बताने वाले कनिष्क शर्मा ट्विटर पर लिखते हैं, "पता नहीं भाजपा के कौन बड़े लोग शामिल हैं। वाड्रा क्यों हरियाणा में नवाब की तरह घूम रहे हैं?"
नरेंद्र मोदी के एक समर्थक प्रमोद चतुर्वेदी ट्विटर पर पूछते हैं, ''भाजपा इतनी निष्क्रिय क्यों है।''
भाजपा नेता अर्जुन राम मेघवाल विश्वास दिलाते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मामलों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी लेकिन वो राजनीतिक बदला लेते हुए नहीं दिखना चाहती है।