पिछले दो दिनों से संसद में संविधान पर चल रही चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संविधान में किसी भी तरह का बदलाव करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
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गुरुवार को राज्यसभा और लोकसभा में संविधान पर हुई चर्चा पर बोलते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस तरह की कयासबाजी लगाना बिल्कुल गलत है कि संविधान को बदला जा सकता है। संविधान बनाने वालों ने सोच-समझकर संविधान की रचना की थी। संविधान को बदलना आत्महत्या होगा।
मोदी ने कहा कि संविधान के बारे में लोगों के पास जानकारी आमतौर पर नहीं होती। संविधान की जानकारी या तो नेताओं को होती है या कानूनविदों को। संविधान की चर्चा होने से लोगों को संविधान के बारे में पता होता है।
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बाबा साहब का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अंबेडकर हमारे बराबर के ही थे लेकिन सामाजिक व्यवस्थाओं के चलते उन्हें मौके बहुत बाद में मिले और उन्हें बहुत उपेक्षाओं का सामना भी करना पड़ा।
मोदी ने यहां आइडिया ऑफ इंडिया का स्लोगन भी गढ़ा। उन्होंने इसके स्लोगन में वह सारी सूक्तियां और दोहे पढ़े जो भारत की संस्कृति को जोड़कर अरसे से बोले जा रहे हैं। उन्होंने सत्यमेव जयते, अंहिसा परमो धर्मः, यत्र नारी पूज्यंते जैसी सूक्तियां पढ़ीं।
मोदी ने कहा कि लोग यह न समझें कि हम सब राजनीतिक दल एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं। यदि किसी को देखना हो कि हर पार्टी के नेता कैसे मिलजुल कर रहते हैं तो उन्हें कभी संसद आना चाहिए।
जवाहर लाल नेहरु को उपेक्षित करने के कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में जवाहर लाल नेहरु से लेकर राजेंद्र प्रसाद तक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश यदि यहां पहुंचा है तो इसमें सभी सरकारों का योगदान है।
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संविधान बदलना आत्महत्या करने के बराबरः मोदी
फारुख अब्दुला बोले पीओके पाकिस्तान का
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष फारुख अब्दुला ने पाक अधिकृत कश्मीर पर वही रुख दिखाया है जो रुख पाकिस्तान का है। फारुख अब्दुला ने कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर पूरी तरह से पाकिस्तान का ही है। भारत को इसे अपना हिस्सा नहीं मानना चाहिए। इस मामले में बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
एक अनौपचारिक बातचीत में फारुख ने कहा कि भारत को यह हकीकत समझनी चाहिए कि वह पाक अधिकृत कश्मीर को पाक का हिस्सा माने। यह सच्चाई है और इसे भारत को स्वीकार्य करना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के हालिया रिश्ते और विवादों पर टिप्पणी करते हुए फारुख ने कहा कि युद्ध कोई समाधान नहीं है। इससे हमारे लोगों की जाने जाती हैं और सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीर को ही होता है। फारुख बोले कि केवल बातचीत ही समस्या का हल है।
फारूख के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि हम 1994 में हुए उस प्रस्ताव को कैसे भूल जाएं जो संसद में हुआ था। फारूख के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा है कि 1994 में संसदीय प्रस्ताव में साफ-साफ कहा गया है कि पीओके भारत का संवैधानिक हिस्सा है।
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पीओके पाकिस्तान का है और उसी का रहेगा, बोले अब्दुल्ला
भारत ने रोका दक्षिण अफ्रीका का विजय रथ
भारत ने नागपुर टेस्ट तीसरे दिन ही जीत लिया। स्पिन गेंद़बाजों के बूते भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 124 रनों से हरा दिया है। इस मैच में 12 विकेट लेने वाले आर अश्विन को मैन ऑफ द मैच मिला। दूसरी पारी में अश्विन को 7 विकेट मिले। अमित मिश्रा ने भी दूसरी पारी में 3 विकेट झटके। इस जीत के साथ चार मैचों की सीरीज में भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
भारत ने मेहमान टीम के सामने जीत के लिए 310 रनों का लक्ष्य दिया लेकिन पूरी टीम टी-ब्रेक के बाद 185 रन ही आउट हो गई। कप्तान हाशिम अमला और फैफ डु प्लेसिस ने टीम के लिए 39-39 रनों की बड़ी पारी खेली। लेकिन इनका संघर्ष इतना बड़ा नहीं था कि वह टीम को जीत दिला सके।
टीम इंडिया ने पहली पारी में 215 रन बनाए जिसके जवाब में अफ्रीकी टीम 79 रन बनाकर आउट हो गई। इसके बाद भारत की दूसरी पारी 173 रन पर सिमट गई। भारत ने मैच के दूसरे दिन दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए 310 रनों का लक्ष्य रखा था। मोहाली टेस्ट के बाद यह मैच भी महज 3 दिन में ही खत्म हो गया।
इस जीत के साथ विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने न सिर्फ 11 साल के इंतजार को खत्म कराया बल्कि दक्षिण अफ्रीका के विदेश में 9 साल से चले आ रहे जीत के रथ को भी रोक दिया। दक्षिण अफ्रीका ने पिछले नौ सालों में विदेश में कोई टेस्ट सीरिज नहीं गंवाई है।
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भारत ने जीता नागपुर टेस्ट, थमा SA का 9 साल का विजयी रथ
राजीव-इंदिरा पर मोदी के मंत्री ने मांगी माफी
शुक्रवार को नरेंद्र मोदी कैबिनेट के थावर चंद गहलोत को लोकसभा में कांग्रेस के सदस्यों को माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने यह माफी गुरुवार को की गई अपनी एक टिप्पणी की वजह से मांगी।
गुरुवार को संसद में चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा था कि जिन लोगों ने संविधान के निर्माण में कोई योगदान नहीं किया अब वह संविधान की बात करते हैं।
इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद और मंत्री गहलोत ने कहा था कि अपने समय में सबसे ज्यादा संविधान का उल्लंघन करने वाली कांग्रेस अब संविधान की रक्षक बन रही है। संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ। उन्होंने कहा कि इंदिरा और राजीव गांधी की हत्या भी सरकार की गलत नीतियों की वजह से हुई थी।
कांग्रेस के सदस्य उनकी इसी टिप्पणी से नाराज थे। शुक्रवार को जब सदन शुरु हुआ तो कांग्रेस के सांसदों ने फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद मंत्री गहलोत ने कहा कि उनका मकसद किसी को आहत करना नहीं था। यदि उनकी बात से किसी को चोट पहुंची है तो उसके लिए वह खेद प्रकट करते हैं।
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इंदिरा-राजीव की हत्या वाले बयान पर मोदी के मंत्री ने माफी मांगी
पकड़ा गया 22 करोड़ का लुटेरा
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुई करोड़ों की लूट को अंजाम देने वाले ड्राइवर प्रदीप शुक्ला को शुक्रवार की तड़के दिल्ली के ओखला इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। ड्राइवर प्रदीप शुक्ला को एक पुराने गाड़ी के गोदाम से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अब तक पुलिस से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार ड्राइवर ने इस लूट को अकेले ही अंजाम दिया था।
पुलिस के मुताबिक प्रदीप ने लूट के पैसों को गोदाम में ही रखा था। गौरतलब है कि प्रदीप वैन को सबसे पहले ओखला स्थित इस गोदाम में ही लाया था और यहीं पर वैन की सारी कैश रखा हुआ था।
इसके बाद प्रदीप ने वैन को ले जाकर गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास खड़ा कर दिया और वैन से निकलकर वापस गोदाम में आकर सो गया। बता दें कि 22.5 करोड़ की लूटी गई रकम में से पुलिस ने 11 हजार छोड़कर पूरे पैसे बरामद कर लिए हैं।
ड्राइवर ने उन 11 हजार रुपयों से कुछ कपड़े और एक घड़ी खरीदी थी। वो आज ही सुबह अपने गांव बलिया भागने वाला था लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और सारे पैसों को बरामद कर लिया।
संसद सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा में अरुण जेटली और गुलाम नबी आजाद के बीच तीखी बहस देखने को मिली। संविधान पर चर्चा करते हुए अरुण जेटली ने कहा कि हम पर असिष्णुता के आरोप लगाने वाली कांग्रेस ये बताए कि आपाताकाल क्या था? यह अब तक की सबसे बड़ी असहिष्णुता थी।
गुरुवार को सोनिया गांधी के दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी संविधान सभा में थे। मालूम हो कि गुरुवार को लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान सोनिया गांधी ने कहा था कि आज के माहौल में वह लोग संविधान पर बात कर रहे हैं जिनका संविधान बनाने में कोई योगदान नहीं रहा था।
सरकार की तरफ से जेटली की इन बातों पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पलटवार किया। आजाद ने कहा कि बीजेपी का राजनीतिक इतिहास इसी बात से समझ सकते हैं कि उसके पास अपने नेता नहीं हैं। वह सुभाष चन्द्र बोस और सरदार पटेल जैसे नेताओं के करीब दिखने की कोशिश करती है। जबकि इन नेताओं का बीजेपी से कोई वास्ता नहीं है।
असहिष्णुता की चर्चा करते हुए आजाद ने कहा कि जिस तरह का माहौल पैदा हो गया है वह देश के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कई राज्यों में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जहां किसी की नाक काट दी जाती है और किसी का हाथ। नीची जाति के आदमी का हाथ इसलिए काट लिया जाता है क्योंकि उसने ऊंची जातियों के सामने घड़ी पहन ली थी।