प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक पाकिस्तान पहुंचकर सबको चौंका दिया। वह काबुल से लौट रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने वहां प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की। ये पहला मौका है जब पीएम मोदी पाकिस्तान पहुंचे हैं। साथ ही भारत से 11 साल बाद कोई प्रधानमंत्री पाकिस्तान गया है।
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इससे पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी लाहौर गए थे। पीटीआई के अनुसार वह लाहौर नवाज के न्यौते पर गए हैं। दरअसल आज नवाज शरीफ अपना जन्मदिन तो मना ही रहे हैं, साथ ही कल उनकी नातिन की शादी है। दोनों नेता एक ही कार से नवाज घर पहुंचे। इस दौरान उनके लिए देशी घी से निर्मित मिक्स वेज, पालक पनीर,खीर,कश्मीरी चाय आदि व्यंजन परोसे गए।
वहीं पीएम मोदी की भारत यात्रा पर बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि पीएम अपनी यात्रा से दाऊद इब्राहिम को भारत लाएंगे तभी उनकी पाक यात्रा सफल मानी जाएगी।
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तो विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका ये दौरा भारत के हित में नहीं है। ये दौरा अचानक नहीं हुआ है पहले से तय था सिर्फ देश को बताया नहीं गया था। उन्होंने ऐसा क्यों किया। उनके इस कृत से भारत की खिल्ली उड़ेगी। ऐसा पहले किसी पीएम ने नहीं किया। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार की ये कैसी विदेश नीति है कांग्रेस इसका विरोध करती है।
भारतीय मदद से बनी अफगानिस्तानी की संसद, मोदी ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भारत की सहायता से काबुल में निर्मित अफगानिस्तानी संसद का उद्घाटन किया।
संसद के उद्घाटन के दौरान अफगानिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी भी वहां मौजूद थे। दोनों देशों के नेताओं ने एक साथ फिता काटकर संसद का उद्घाटन किया। इसके बाद मोदी ने विजिटर्स डायरी में अपने हस्ताक्षर किए। अफगानिस्तान संसद के मुख्य ब्लॉक को 'अटल ब्लॉक' नाम दिया गया है। अफगानिस्तान के संसद का निर्माण कार्य भारत ने ही करवाया है।
साल 2007 में शुरू हुए इस संसद के निर्माण के काम में करीब 600 करोड़ रुपये की लागत आई। उद्घाटन के बाद मोदी ने संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती को इतना अहम बनाने के पीछे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का सराहनीय योगदान रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी ने दोनों देशों के संबंध को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए।'
उन्होंने कहा अफगानिस्तान विकास की ओर बढ़ रहा है और भारत इसमें हर संभव मदद करेगा। मोदी ने अफगानिस्तानी छात्रों पढ़ाई की दिशा में और अच्छा करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत कई तरह से स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत भारत में उनके लिए पढ़ाई को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा। भारत 5000 अफगानी छात्रों की स्कॉलरशिप मुहैया कराएगा।
नहीं रहीं मशहूर अदाकारा साधना
बॉलीवुड अभिनेत्री साधना का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। मुंबई के एक अस्पताल में शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 74 साल की थीं। उनकी मौत की खबर से बॉलीवुड जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
1970 के दशक में बॉलीवुड पर राज करने वाली साधना का जन्म 02 सितंबर 1941 को करांची (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। 1947 में भारत के बंटवारे के बाद वह परिवार के साथ कराची से मुंबई आई थीं। साधना बचपन से नृत्य और अभिनय का शौक था। इसी कारण एक दिन स्कूल में बॉलीवुड के एक नृत्य-निर्देशक की नजर उन पर पड़ी।
उन्हें राजकपूर की फिल्म में ग्रुप-डांस के लिए कुछ ऐसी छात्राओं की जरूरत थी। तब उनके डांस टीचर ने कुछ लड़कियों से नृत्य करवाया और जिन लड़कियों को चुना गया, उनमें से साधना भी एक थीं। वह फिल्म थी 'श्री 420'।
1960 से 1980 के बीच कई सुपरहिट फिल्में दीं। फिल्म 'राजकुमार', 'आरजू', 'मेरा साया', 'इंतकाम', 'एक फूल दो माली' में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। उनके गीत 'आ जा आई बहार, ओ मेरे राजकुमार', झूमका गिरा रे, 'बरेली के बाजार में' 'लगजा गले कि फिर ये हंसी रात हो न हो' आज भी जब कई सामने होता है, तो लोग साधना को देखते रह जाते हैं।
असल में बॉलीवुड में साधना को एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर शुमार किया जाता है जिन्होंने साथ और सत्तर के दशक में अपनी विशिष्ट अदायगी से सिनेप्रेमियों को अपना दीवाना बनाया। अपने बालों की स्टाइल की वजह से भी साधना प्रसिद्ध थीं, उनके बालों की कट स्टाइल साधना कट के नाम से जानी जाती हैं।
हमें नहीं लगता है रेड से डर,उन्हें लगता है जांच से डरः केजरीवाल
केजरीवाल सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच एक बार फिर तलवार खिंचती दिख रही है। डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार को लेकर दिल्ली सरकार के बनाए गए आयोग को एलजी नजीब जंग ने संवैधानिक रुप से अवैध करार दिया है।
सूत्रों के अनुसार नजीब जंग ने केंद्र सरकार से की गई सिफारिश में केजरीवाल सरकार की तरफ से गठित की गई गोपाल सुब्रमण्यम आयोग को अवैध बताया है। उपराज्यपाल के मुताबिक दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश है और उसे पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला है। ऐसे में कोई भी आयोग केंद्र सरकार की सहमति से ही गठित किया जा सकता है।
नजीब जंग की इस बात का विरोध करते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया और कहा कि हमें आपकी रेड से डर नहीं लगता, आपको जांच आयोग से क्यों डर लगता है मोदी/जेटली जी? जनता जानना चाहती है आप सब डीडीसीए में क्या छुपा रहे हैं?
भारत समेत दुनियाभर में क्रिसमस की धूम देखी जा रही है और करोड़ों लोग ये त्योहार मना रहे हैं। भारत में ईसाई धर्म तीसरा सबसे बड़ा धर्म है और इसके करीब ढाई करोड़ अनुयायी हैं।
भारत की आबादी में ईसाइयों की तादाद 2.3 फीसदी है। इस अवसर पर देशभर के गिरिजाघरों में प्रार्थना की गयी। जिसमें भाग लेकर लोगों ने प्रभु यीशु से प्राथना की। सुबह से ही मोमबत्ती तथा गुलाब के फूल लेकर लोग चर्च में पहुंच रहे हैं। वे मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना करते हुए यीशु को याद कर रहे हैं।
इस मौके पर सेंटा ने खुशियां बांटी और बच्चों को खुश होने का बेहतरीन मौका दिया। भारत में जहां सेंटा ने गिरिजाघरों, सड़कों पर बच्चों को गिफ्ट बांटे तो जर्मनी के सेंन्फटेनबर्ग में क्रिसमस के त्यौहार के दौरान एकदम ठंडे पानी में नहाकर का जश्न मनाया। कई जगह लोग होटलों में पार्टी करते दिखाई पड़े।