उत्तर प्रदेश में नए लोकायुक्त के शपथग्रहण समारोह को टाल दिया गया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 4 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट करेगी। लोकायुक्त मामले पर दायर एक याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस पर रोक के लिए पूछा था, जिसपर सरकार ने यह कदम उठाया है।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को जस्टिस वीरेंद्र सिंह को प्रदेश का नया लोकायुक्त नियुक्त करने संबंधी आदेश जारी किया था। जस्टिस वीरेंद्र सिंह प्रदेश का सातवां लोकायुक्त बनाया जाना था। जस्टिस वीरेंद्र सिंह इस समय राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हैं। यहां उनका कार्यकाल 3 जनवरी 2016 तक है।
गौरतलब है कि लोकायुक्त के चयन के लिए मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष व इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तीन सदस्यीय चयन समिति द्वारा नए लोकायुक्त का चयन न कर पाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर को जस्टिस वीरेंद्र सिंह को सूबे का नया लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था। लोकायुक्त का चयन न कर पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रदेश की संवैधानिक इकाइयों की विफलता पर तल्ख टिप्पणी भी की थी।
इससे पहले जस्टिस विश्वंभर दयाल, जस्टिस मुर्तजा हुसैन, जस्टिस के.एन. गोयल, जस्टिस राजेश्वर सिंह व जस्टिस एस.सी. वर्मा भी प्रदेश के लोकायुक्त रह चुके हैं।
हेरल्ड केसः सोनिया-राहुल को मिली जमानत
नेशनल हेरल्ड केस के मुख्य आरोपियों सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अदालत ने 50-50 हजार रुपये के मुचलकों पर बिना शर्त जमानत दे दी। पूरे दिन जारी गहमागहमी के बीच कोर्ट ने महज 10 मिनट में आरोपियों को जमानत दे दी। हालांकि, इस बीच याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया और राहुल के पासपोर्ट को जब्त करने की मांग की लेकिन अदालत ने उनकी इस दलील को नहीं माना।
इसके अलावा अदालत ने तीन अन्य आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली। वकीलों के मुताबिक केस के छठे आरोपी सैम पित्रोदा की चिकित्सकीय हालत ठीक नहीं होने के कारण वह कोर्ट में पेश नहीं हो सके। नेशनल हेरल्ड केस में सोनिया और राहुल के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है जिसमें धोखाधड़ी करने के लिए धारा 420, आपराधिक साजिश रचने के लिए धारा 120(बी) और गलत तरीके से संपत्ति हथियाने के लिए धारा 403 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
ये सभी जमानती धाराएं है इसलिए अदालत ने आरोपियों का जमानत देने में ज्यादा देर नहीं लगायी। जमानतदार के तौर पर सोनिया गांधी के लिए एके एंटनी और राहुल गांधी के लिए उनकी बहन प्रियंका गांधी ने बांड भरे। केस की सुनवाई के दौरान कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेता अदालत परिसर में मौजूद थे जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, शीला दीक्षित, मल्लिकार्जुन खड़गे आदि शामिल थे।
इस दौरान पूरा कांग्रेस महकमा एक साथ नजर आया। सुनवाई के बाद अगली पेशी के लिए अदालत ने 20 फरवरी की तारीख रखी है। इस दिन दोपहर दो बजे सभी आरोपियों को सुनवाई के लिए अदालत के सामने फिर से पेश होना होगा।
मोदी जी इल्जाम लगवाते हैंः राहुल
नेशनल हेरल्ड केस में पटियाला कोर्ट से बेल मिलने के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कहा कि वे डरने वालों में से नहीं है। सोनिया ने कहा कि आज अदालत में उसी तरह से पेश हुई हूं जिस तरह से एक आम आदमी पेश होता है।
भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए सोनिया ने कहा कि 'ये लोग हमे कभी भी अपने रास्ते से हटा नहीं पाएंगे। मौजूदा केंद्र सरकार हमें जानबूझ निशाना बना रही है।'
राहुल गांधी ने कहा कि मैं कानून का आदर करता हूं। मोदी जी हम पर झूठे इल्जाम लगवाते हैं और सोचते हैं कि विपक्ष झुक जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं ये बताना चाहता हूं कि हम नहीं झुकेंगे। हम गरीबों के हक के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।
देश के विकास में रोड़ा बन रही कांग्रेस: जेटली
जीएसटी को लेकर सरकार ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा है। फिक्की के कार्यक्रम में बोलते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि विकास के लिए राजनीतिक समर्थन जरूरी है और कांग्रेस देश के विकास में रोड़ा बन रही है।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए कांग्रेस की तरफ से राजनीतिक समर्थन नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में कांग्रेस जीएसटी बिल को जानबूझकर लटका रही है। अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस जीएसटी को लेकर बेतुकी शर्तें थोप रही है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे महज राजनीतिक प्रतिशोध है।
जीएसटी, सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है लेकिन संसद में लगातार हो रहे हंगामे के चलते सरकार चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही है। सरकार चाहती है कि अगले वित्त वर्ष से जीएसटी को लागू कर दिया जाए लेकिन संसद में चल रहे गतिरोध के कारण इसे अभी पास नहीं किया जा सका है।
सरकार ने जीएसटी के लिए कांग्रेस से राजनीतिक समर्थन हासिल करने की कोशिश की थी। कांग्रेस ने कुछ शर्तों के साथ इस पर समर्थन के संकेत दिए थे लेकिन इस बीच नेशनल हेरल्ड केस के चलते संसद में नया हंगामा हो गया। सरकार ने इससे पहले मॉनसून सत्र में ही इसे पास कराने की कोशिश की थी लेकिन तमाम प्रयास असफल हुए।
भारत के खिलाफ नेता न करें बयानबाज :शरीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने मंत्रियों को सलाह दी है कि वे भारत के खिलाफ बयान न करें, ताकि भारत के साथ चल रही शांति वार्ता में किसी भी तरह की बाधा न पैदा हो।
उन्होंने कहा है कि गड़े मुर्दे उखाड़ने से बेहतर है कि सिर्फ वही बयान दिए जाएं, जिनसे भारत और पाक की वार्ता की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। शरीफ ने अपने करीबियों से भी शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए कहा है। द नेशन ने अधिकारी के हवाले से लिखा है कि 'शरीफ भारतके साथ अच्छे संबंध को लेकर आशावादी है, जिससे सभी को फायदा होगा।
अधिकारी के मुताबिक दोनों पक्ष शांति के मुद्दे पर चर्चा के साथ-साथ कश्मीर, आतंकवाद और व्यापार को प्राथमिकता देना चाहते हैं।' गौरतलब है कि नवाज शरीफ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेरिस में मुलाकात के बाद बैंकॉक में दोनों देश के एनएसए की बैठक बाद ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी आठ दिसंबर को पाकिस्तान का दौरा किया था।
सोनिया राहुल के समर्थन में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
नेशनल हेरल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की दिल्ली के पटियाला कोर्ट में पेशी हुई। इसके मद्देनजर कांग्रेस के कार्यकर्ता देश भर में सड़कों पर आ गए। हालांकि कांग्रेस ने कहा था कि इस प्रकार का कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा जिसमें समर्थन प्रदर्शित करने के लिए कार्यकर्ता शामिल होंगे।
प्रशासन ने सुरक्षा में खामी नहीं चाहता था इसलिए अदालत परिसर में 16 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कोर्ट परिसर में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए दिल्ली पुलिस, एसपीजी, आईबी के साथ-साथ कई अन्य एजेंसियां अपनी नजर बनाए रखे थीं। वहीं वाराणसी और मध्य प्रदेश के भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले भी जलाए गए। विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया। तो उड़ीसा के भुवनेश्वर में समर्थकों ने खून और इंक के साथ कांग्रेस के समर्थन में हस्ताक्षर किए।
नेशनल हेरल्ड के इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दूबे, मोती लाल वोरा, जॉर्ज फर्नांडिस, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया लिमिटेड आरोपी हैं। कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दर्ज की गई शिकायत के आधार पर समन जारी किए थे।
मोबाइल गेमिंग में विराट ने मारी विराट बाजी
टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली अपने चाहने वालों के लिए एक विराट क्रिकेट चैलेंज लेकर आए हैं। कोहली के नाम वाले इस मोबाइल एप्प गेम को काफी पसंद किया जा रहा है।
गुरुवार को गूगल ने सबसे ज्यादा सर्च होने वाले स्पोट्सपर्सन 2015 में विराट कोहली को नंबर वन बताया था। यहां बाजी मारने के बाद कोहली ने मोबाइल गेमिंग में भी बाजी मार ली। एंड्रायड फोन के गूगल प्ले स्टोर में मोबाइल गेमिंग में कोहली के नाम से विराट क्रिकेट चैलेंज काफी पॉपुलर हो रहा है।
विराट कोहली के 'विराट क्रिकेट चैलेंज' गेम ने लांच के कुछ ही दिनों में पॉपुलर मोबाइल गेम्स कैंडी क्रश, टेंपल रन, क्लेश ऑफ क्लेंस और सबवे सफर्स जैसे गेम्स को पीछे छोड़ दिया है।