पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन में सुबह करीब 3 बजे हुए फिदायीन हमला हुआ। हमले की जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकियों को मार गिराया गया। वहीं इस हमले में दो जवान भी शहीद हो गए।
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पठानकोट में हुए हमले को लेकर देश भर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। हिमांचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एयरफोर्स का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है और इसके रातभर चलते रहने की संभावना है।
उधर पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक हुई। बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गृह मंत्री ने आतंकी हमले को लेकर अधिकारियों से कई बिंदुओं पर गंभीर चर्चा की। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने माना है कि पठानकोट हमले में पाकिस्तान का हाथ है।
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उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के पास इसके इनपुट थे इसलिए उसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हो पाया। फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन इस बात की आशंका जताई जा रही है कि हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ हो सकता है।
जम्मू कश्मीर के रास्ते पंजाब पहुंचे आतंकी
पठानकोट में आर्मी के एयरबेस में हुए आतंकवादी हमले के मामले में आतंकवादियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हमला करने वाले आतंकवादी जम्मू कश्मीर पाकिस्तान बार्डर से भारत में घुसे थे।जिसके बाद इन आतंकवादियों ने पठानकोट तक का रास्ता तय किया। पंजाब में हुए लगातार दूसरे आतंकवादी हमले में देश की सुरक्षा को कड़ा धक्का लगा है।
आतंकवादियों ने जिस तरह से सीमा पार से देश में एंट्री की है वह बेहद चौकाने वाला है। हमले करने वाले आतंकवादियों के बारे में माना जा रहा है कि ये वही चार लोग हैं जिन्होंने पंजाब के एसपी और उनके सहायकों का अपहरण कर लिया था, जिसके बाद ये आतंकवादी उनकी गाड़ी लेकर वायुसेना के एयरबेस तक पहुंच गए।
यूपी: टूरिस्ट बस और जीप में भिड़ंत, 12 की मौत
यूपी में भीषण सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई और तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल हो गए।जानकारी के मुताबिक ये हादसा शनिवार सुबह बलरामपुर के तुलसीपुर रोड पर टूरिस्ट बस और मैक्स जीप की भिड़ंत से हुआ। जानकारी के मुताबिक यात्री नेपाल दर्शन करके लौट रहे थे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। दोपहर बाद मृतकों की शिनाख्त हो सकी। इस हादसे में प्रदीप (22), गौरव (28), पप्पू (28), विजय (28), ननकऊ (32), अंगनऊ (40), प्रमोद (23), चंद्रिका (40), दुर्गेश (27), सुरेंद्र कुमार (26), संतोष कुमार (40), छोटकऊ (30) की मौत हो गई। वहीं राजेश सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
ये सभी लोग श्रावस्ती के हैं। मृतकों के बाहर के होने की वजह से उनकी शिनाख्त काफी दिक्कत आई। साथ ही लाशें बुरी तरह क्षत-विक्षत भी हैं।आसपास के लोगों की मदद से लाशों को निकाला गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया।दोनों तेज रफ्तार वाहनों में आमने-सामने से टक्कर हुई थी।
दिल्ली में ऑड-ईवन का दूसरा दिन, साइकिल से पहुंचे डिप्टी CM
दिल्ली में ऑड-ईवन नियम के लागू होने का आज दूसरा दिन है और आज ईवन गाड़ियों का दिन है। इसी वजह से आज सिसोदिया साइकिल से ऑफिस पहुंचे। हालांकि उनके साथ ही गुजरने वाली कई कारों का नंबर ईवन नहीं था।आज ईवन तारीख होने के कारण ईवन नंबर वाली कारों को सड़क पर उतारने का दिन है।
चूंकि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की कार ऑड नंबर की है और उनके आस-पास कोई कार पूलिंग के लिए नहीं है इसलिए आज वो साइकिल से दफ्तर पहुंचे।
आपको बता दें कि सिसोदिया जिस साइकिल से अपने दफ्तर पहुंचे वो उनके बेटे की है। आज घर से सुबह 8 बजे निकलकर सिसोदिया पहले आकाशवाणी एक कार्यक्रम के लिए पहुंचे उसके बाद उनकी वहीं से साइकिल से ही दफ्तर जाने की योजना थी।
अफगान से लेकर दिल्ली तक भूकंप के झटके
एक बार फिर भूकंप के झटकों ने दिल्ली एनसीआर को हिला कर रख दिया। हालांकि ये झटके बहुत मामूली थे जिससे किसी को इनका एहसास भी नहीं हुआ।
बता दें कि एक बार फिर इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र बताया जा रहा है और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.89 आंकी गई है।हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामूली झटके धरती के लिए अच्छे हैं क्योंकि इस तरह धरती के अंदर की गरमी बाहर निकलती है।
गौरतलब है कि अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ जब 26 दिसंबर की रात में करीब सवा 1 बजे काफी देर तक भूकंप के झटकों से दिल्ली एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत हिल गया था।
उस भूकंप का केंद्र भी अफगानिस्तान का हिंदूकुश ही था। उससे पाकिस्तान भी हिल गया था। उस भूकंप की तीव्रता 6.5 आंकी गई थी।26 तारीख के भूकंप से अफगानिस्तान में कुछ क्षति पहुंची थी। हालांकि इस बार ऐसी कोई खबर नहीं है।
सऊदी अरब ने प्रमुख शिया धर्मगुरु शेख निम्र अल निम्र समेत 47 लोगों को फांसी दे दी गई है। सऊदी अरब सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई है।
सऊदी की सरकारी रिपोर्टों में कहा गया है कि धर्मगुरु शेख निम्र उन 47 लोगों में से थे जिन पर जिन पर देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप था।
शेख निम्र ने सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों का खुलेआम समर्थन किया था जो 2011 में देश के पूर्वी प्रांत में हुए थे। आपको बता दें कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को फांसी दिए जाने का यहां के मानवाधिकार कार्यकर्ता काफी दिनों से विरोध कर रहे थे।