दिन की सबसे बड़ी खबर रही छत्तीसगढ़ से जहां मुख्यमंत्री रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी एक टेपकांड में फंसते नजर आ रहे हैं। एक उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम वापिस करवाने के लिए सीएम रमन सिंह के दामाद डील की बात सामने आ रही है।
इसी मामले में प्रदेश कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से इस्तीफे की भी मांग की है। अजीत जोगी पर आरोप है कि उन्होंने अपने विधायक बेटे अमित जोगी के जरिए वर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ मिलकर एक षडयंत्र रचा और अगस्त 2014 में हुए एक विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार का नाम वापस करवा लिया था।
कुछ ऑडियो टेप के आधार पर दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस ने खबर प्रकाशित की है। इस खबर में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि इसमें सौदेबाजी भी हुई और बड़ी धनराशि का लेनदेन भी हुआ।
इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि मंतूराम पवार और फीरोज सिद्दकी ने माना है कि टेप में आवाज उन्हीं की है, जबकि रमन सिंह, अमीन मेमन ने इनकार किया है। पुनीत गुप्ता ने कहा है कि वे इस मामले के बारे में कुछ नहीं जानते। अजीत जोगी ने टेप को फर्जी बताते हुए अखबार के खिलाफ मुकदमा करने की धमकी दी है। अमित जोगी ने कहा है कि टेप के साथ छेड़छाड़ की गई है।
बूथ कैप्चरिंग का आरोपी मंत्री तोताराम गिरफ्तार, रिहा
पंचायत चुनाव के दौरान बूथ पर कब्जे और फर्जी मतदान के मामले में वांछित दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री व पैकफेड चेयरमैन तोताराम यादव को पुलिस ने बुधवार को एक कार्यक्रम से गिरफ्तार कर लिया।
वह प्रदेश कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव व सांसद तेजप्रताप सिंह यादव के साथ कार्यक्रम में मंचासीन थे। शिवपाल और तेजप्रताप के जाते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में जमानत दे दी गई।
पुलिस तोताराम को गिरफ्तार कर थाना कोतवाली ले गई। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी की लिखा-पढ़ी कर कोर्ट में पेश करने में काफी विलंब हो गया और तब तक अदालत बंद हो चुकी थी।
इसी बीच तोताराम के सीने में दर्द उठा और इसके बाद उन्हें चिकित्सीय आधार पर शाम को थाने से जमानत दे दी गई। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें इलाज के लिए लखनऊ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया।
आप ने अब जेटली पर फोड़ा लेटर बम, पूछे पांच सवाल
डीडीसीए में कथित घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोला है। पार्टी की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर दो चिट्ठियों का हवाला देकर पांच सवाल पूछे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में आप नेता आशुतोष ने जेटली पर आरोप लगाया कि डीडीसीए के अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर जांच प्रभावित की।
आप नेता ने कहा कि पहली चिट्ठी अरुण जेटली ने 27 अक्टूबर 2011 को दिल्ली के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर डीके गुप्ता को लिखी। इसमें कहा गया कि फ्रॉड केस को बंद कर दिया जाए। इसमें कुछ नहीं है। आशुतोष ने कहा कि इस दौरान दिल्ली में पूरा देश वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार का आंदोलन कर रहा था।
जबकि राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष भ्रष्टाचार को छिपाने का काम कर रहे थे। आप के मुताबिक दूसरी चिट्ठी कुछ ही महीने बाद 5 मई 2012 को अरुण जेटली ने दिल्ली के स्पेशल पुलिस कमिश्नर श्री नारायण को लिखी और जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया। आप ने पूछा कि क्या पुलिस जांच को प्रभावित करना अपराध नहीं है।
विरोध प्रदर्शन करने के दौरान लुंगी में लगी आग, देखें वीडियो
तमिलनाडु के विलुपुरम में विरोध प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं की लुंगी में आग लग गई। एआईएडीएमके के कार्यकर्ता डीएमडीके प्रमुख विजयकांत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
जैसे ही उन्होंने विजयकांत का पुलता फूंकने के लिए उसमें आग लगाई, तो कई लोग उसकी चपेट में आ गए। प्रदर्शन कर रहे बहुत से लोगों की लुंगी में आग लग गई, जिससे वहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग लगने के कारण खुद को बचाने के लिए हर कोई इधर उधर भागने लगा और खुद को आग से बचाने की कोशिश करने लगा। हालांकि, आग मामूली होने की वजह से किसी को भी कोई नुकसान नहीं हुआ। लोगों ने तुरंत की आग पर काबू पा लिया।
AIADMK worker's lungi caught fire as he tried to
burn effigy of DMDK Chief in Viluppuram
Via @ANI_news
https://t.co/IaFcDdhjdP—
CNN-IBN News (@ibnlive) December
30, 2015
वर्किंग वुमेन को आने वाले साल में मिलेंगे ये फायदे
कामकाजी महिलाओं के मां बनने के बाद की नौकरी आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार 50 से अधिक कर्मचारी वाले सभी कंपनियों के लिए क्रेच की व्यवस्था अनिवार्य बनाएगी।
रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहित करने और कामकाजी माताओं की सुविधा के लिए कंपनियों को दफ्तर से अधिकतम एक किलोमीटर के दायरे में क्रेच की व्यवस्था करनी होगी।
वहीं एक से अधिक कंपनियां मिलकर 500 मीटर के दायरे में भी क्रेच पूल की व्यवस्था कर सकते हैं। इतना ही नहीं कामकाजी माताओं के लिए साढे़ छह महीने की पेड लीव के साथ करीब दो साल तक घर से काम करने की सुविधा का भी प्रस्ताव किया गया है। श्रम व रोजगार मंत्रालय ने इस बावत कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है।