राहुल गांधी के केंद्रीय भूमिका में आने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवालय में भारी फेरबदल की संभावना है। चूंकि लोकसभा चुनाव मात्र 15 महीने ही दूर हैं इसलिए संगठन में नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। जयपुर सम्मेलन में राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही पार्टी मुख्यालय में यह चर्चा शुरू हो गई है कि देर-सबेर बदलाव लागू हो जाएंगे।
पार्टी के लोगों का मानना है कि जब कोई नया नेता आता है तो वह अपनी टीम लाता है। जयपुर सम्मेलन के दौरान ही मांग उठी थी कि देश में युवाओं की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए पार्टी संगठन में युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाय। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस फेरबदल में कुछ महासचिवों को हटाया जा सकता है जबकि कुछ नए लोगों को मौका दिया जाएगा। कुछ पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ाई जा सकती हैं। कई राज्यों के प्रभारियों को बदला जा सकता है।
कई युवा सांसदों और युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इनमें अशोक तंवर, मीनाक्षी नटराजन, कर्नाटक युवक कांग्रेस अध्यक्ष कृष्णा बायरे गौड़ा, ज्योति मिर्धा, मनिका टैगोर व दीपेंदर हुड्डा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। युवक कांग्रेस अध्यक्ष राजीव साटव ने कहा कि राहुल के प्रमुख भूमिका में आने के साथ ही पार्टी के अंदर युवाकाल शुरू हो गया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल के उपाध्यक्ष बनने के बाद फेरबदल स्वाभाविक है लेकिन उन्होंने कोई समय सीमा बताने से इनकार कर दिया।