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गैंगरेप-धर्मांतरण मामले में चौंकाने वाला मोड़

Wed, 15 Oct 2014 08:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ, खरखौदा
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मेरठ के खरखौदा में बहुचर्चित गैंगरेप और धर्मांतरण प्रकरण में नया मोड़ आ गया। पीड़ित युवती रविवार सुबह घर छोड़कर महिला थाने पहुंच गई। उसने अपने माता-पिता पर ही संगीन आरोप लगाते हुए जान का खतरा बताया है। कहा, अब घर गई तो जिंदा नहीं रहेगी। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से दूसरे समुदाय के युवक के साथ गई थी। इससे उसके परिजन नाराज हैं। महिला थाना पुलिस ने उसे सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे नारी निकेतन भेज दिया गया है।
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युवती के पिता ने रविवार सुबह थाना खरखौदा पर सूचना दी कि उसकी बेटी अजान के समय बिना बताए घर से कहीं चली गई है। इस पर सीओ किठौर और एसओ खरखौदा के अलावा एसडीएस और नायब तहसीलदार हापुड़ भी युवती के गांव पहुंच गए।

युवती के माता-पिता के बयान दर्ज करने के बाद थाना खरखौदा पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई। इस बीच एसओ महिला ने एसओ खरखौदा को बताया कि पीड़ित युवती सुबह करीब 8:20 बजे उनके थाने पहुंची है। उसने अपने बयानों में कहा है कि उसे अपने माता-पिता से जान का खतरा है। इसलिए वह पुलिस की शरण में आई है और घर वापस नहीं जाएगी।
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नारी निकेतन भेजी गई पीड़िता

करीब पांच घंटे बाद दुपहर 2:30 बजे युवती को सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। यहां युवती के बयान दर्ज किए गए। युवती ने बयानों में कहा कि वह दूसरे समुदाय के युवक के साथ खुद ही गई थी। इससे उसके घर वाले नाराज रहते हैं। उसकी हत्या की जा सकती है। इसलिए उसने खुद ही घर छोड़ दिया है। मजिस्ट्रेट ने बयानों के बाद युवती को नारी निकेतन भेजने के आदेश दे दिए। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद करीब 4:30 बजे युवती को नारी निकेतन में दाखिल कर दिया गया।

दूसरे समुदाय के दबाव में हमारी बेटी
हिंदू बहन-बेटी बचाओ संगठन के सदस्यों के साथ रविवार शाम महिला थाना पहुंचे पीड़ित युवती के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी दूसरे समुदाय के दबाव में है। उसे सद्दाम नाम का युवक बहला फुसलाकर घर से ले गया। जो चाहता है कि पीड़िता गैंगरेप और धर्मांतरण से जुड़े केस के आरोपी कलीम और अन्य आरोपियों के पक्ष में बयान दे दे।

आरोप लगाया कि सद्दाम पिछले कुछ दिनों से घर आकर धमकी भी दे रहा था कि यदि उनकी लड़की ने हमारे पक्ष में बयान नहीं दिए तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। इस संबंध में हम सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से मिलकर अपना पक्ष रख रहे हैं।

अफसरों की मौजूदगी में परिवार का बहिष्कार

पुलिस और प्रशासनिक अफसर रविवार सुबह जब गांव में पहुंचे तो युवती के घर के बाहर ग्रामीणों की भी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों को जब पता चला कि युवती महिला थाने पहुंच गई है तो उन्होंने कारण पूछते हुए युवती के पिता को आड़े हाथों ले लिया। नोकझोंक के बीच नौबत यहां तक आ गई कि ग्रामीणों ने युवती के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा कर दी।

सीओ किठौर आरके सिंह, एसओ खरखौदा मनोज कुमार और एसडीएम हापुड़ युवती के गांव पहुंचे तो युवती के पिता ने बताया कि करीब एक सप्ताह से बेटी ने हमसे बात करना छोड़ रखा था। वह हमें धमकी दे रही थी कि कोर्ट में जाकर कलीम के पक्ष में बयान दूंगी। हम उसे समझा रहे थे लेकिन वह कोई बात सुनने को तैयार नहीं थी। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में ही युवती के पिता को आड़े हाथों लेते हुए पूछ लिया कि जब दूसरे समुदाय का युवक रोजाना तुम्हारे घर आता-जाता था तो हम तो उसका विरोध करते थे लेकिन तुमने उसका क्यों नहीं विरोध किया। क्यों बिरादरी और गांव के लोगों को यह बात नहीं बताई कि उसकी बेटी ऐसी धमकी दे रही है।

रविवार सुबह वह उसी युवक के साथ गांव से गयी थी। ग्रामीणों ने अफसरों की मौजूदगी में ही परिवार का बहिष्कार करते हुए हाथ जोड़ लिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष ने सद्दाम के माध्यम से परिवार को अपने पक्ष में कर लिया है। युवती के पिता को इस बारे में हमें बताना चाहिए था। एसओ खरखौदा मनोज कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि ग्रामीणों ने परिवार के बहिष्कार की घोषणा की है।

पुलिस और कोर्ट को बताऊंगी पूरा सच

रविवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से निकलते हुए पीड़िता युवती ने साफ कहा कि घर पर उसको मारने की प्लानिंग की जा रही थी, जिसके कारण उसने घर छोड़ दिया।
सवाल - आपने घर क्यों छोड़ा?
जवाब - मेरे पिता का कहना था कि तूने ऐसा क्या कह दिया कि नेता पैसे देने नहीं आ रहे। मुझे घर में ही मारने की प्लानिंग की जा रही थी।
सवाल- महिला थाना कैसे पहुंची?
जवाब - गांव से मैं तड़के 3:30 बजे निकल गई थी। खरखौदा तक पैदल और फिर वहां से टेंपो से अकेले ही महिला थाना पहुंची।
सवाल- खरखौदा थाने क्यों नहीं गई?
जवाब - वहां से परिजन वापस ले आते।
सवाल - कलीम का नाम क्यों सामने आ रहा है?
जवाब- अभी आधा सच ही सामने आया है। पूरा सच मैं पुलिस और कोर्ट के सामने बताऊंगी
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परिजन बोले, आरोपी को बचाना चाहती है बेटी

अफसरों ने जब युवती के बारे में जानकारी की तो परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी कुछ दिनों से मकान में ही नमाज पढ़ रही थी तथा आरोपी कलीम को बचाने की भी बात कह रही थी।

पहले हटी, फिर मिली सुरक्षा
हिंदू बहन-बेटी बचाओ समिति की मांग पर हाईकोर्ट से पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गयी थी। लेकिन युवती के पिता की मांग पर दो दिन पहले ही सुरक्षा को हटा दिया गया। रविवार को हुए घटनाक्रम के बाद एसएसपी ने दो सिपाहियों को युवती के घर पर तैनात किया है।

चार्जशीट में कलीम ही है दुष्कर्म का आरोपी
खरखौदा क्षेत्र निवासी इस युवती के पिता ने विगत तीन अगस्त को थाना खरखौदा पर गांव के प्रधान नवाब, हाफिज सनाउल्ला उसकी पत्नी समर जहां, युवती की सहेली निशात आदि के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप और धर्मांतरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने इन आरोपियों के अलावा शानू, गुल सनव्वर, वकील अहमद, कलीम पुत्र आबिद निवासी गांव उलधन थाना खरखौदा, हबीब और नवीन को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। थानाध्यक्ष महिला थाना अलका सिंह द्वारा सभी 10 आरोपियों के खिलाफ दी गई चार्जशीट में केवल कलीम को ही दुष्कर्म का आरोपी बनाया गया।
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