शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे ने विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को घसीटकर राजनीतिक महौल गर्मा दिया है।
मतदान से एक दिन पहले उद्घव ठाकरे ने भाजपा पर की गई अब तक सबसे तीखी जुबानी बमबारी में कहा कि महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाप भी शिवसेना के सहयोग के बिना चुनाव नहीं जीत सकते।
शिवसेना के मुखपत्र सामना में उद्घव ने लिखा कि मोदी अपने बल पर चुनाव नहीं जीत सकते थे। अब जबकि वह प्रधानमंत्री बन गए है, महाराष्ट्र की पार्टी को पहचानते तक नहीं। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद अपना मंत्रिमंडल बनाते हुए ही उन्होंने ये जता दिया था कि महाराष्ट्र की पार्टी उनके लिए महत्वहीन है।
भाजपा को बताया दुश्मन नंबर एक
ठाकरे ने कहा कि यदि उनकी पार्टी ने समर्थन नहीं किया होता तो मोदी के पिता दामोदरदास भी लोकसभा चुनाव में बहुमत नहीं पाते। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव प्रचार सोमवार की शाम थम गया। वहां बुधवार को मतदान होना है।
लंबे समय तक एक दूसरे की सहयोगी रही भाजपा और शिवसेना ये चुनाव अलग-अलग लड़ रही हैं। सीट बंटवारे पर सहमति न बन पाने के कारण दोनों दलों का गठबंधन हाल ही में टूट गया था।
ठाकरे ने सामना में लिखे अपने आलेख में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस की तुलना मरे हुए सांप से की। उन्होंने कहा कि भाजपा उनकी दुश्मन नंबर एक है।
पढ़िए, आगे क्या बोले ठाकरे
ठाकरे ने लिखा, वे जानना चाहते हैं कि हमारा वास्तविक शत्रु कौन है? कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मरे हुए सांप के जैसी हैं। उनसे हमें कोई खतरा नहीं है। एक समय हमारी मित्र रह चुकी पार्टी को हमें महाराष्ट्र में लोगों के समाने एक्सपोज करना है।'
भाजपा को सत्ता की भूखी पार्टी बताते हुए ठाकरे ने लिखा कि भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना को हराना चाहती है। सत्ता की भूख के कारण ही उस पार्टी ने 25 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया।
ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सेना शिवसेना को हराने के लिए ही महाराष्ट्र में उतरी है। हमने उन्हें केंद्र में बैठाया कि वे पाकिस्तान को हराएं लेकिन वे उस पार्टी को नष्ट करने पर लगे हैं, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ सबसे कठोर रुख अपना कर रखा है।