बदायूं कांड की पीड़िता बहनों के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। हैदराबाद की सेंटर फॉर डीएनए फिंगर प्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक (सीडीएफडी) की रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की दुष्कर्म के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
दोनों बहनों के डीएनए की इस जांच रिपोर्ट को मेडिकल बोर्ड भी जांच परख रही है। अमर उजाला ने बुधवार की रिपोर्ट में यह संकेत दे दिया था कि दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। पूरे मामले को सियासी रंग देने के लिए असल तथ्य शुरू में ही छुपा लिए गए थे।
सीबीआई के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक एजेंसी अब इस मामले में हत्या की जांच करेगी। सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, हत्या का मकसद का पता लगाना। सूत्रों के मुताबिक जांच को गलत दिशा देने के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस के शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।