दिल्ली के तख्त पर नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की राह आसान बनाने के लिए अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सीधे मैदान में कूद पड़ा है। खासतौर पर मुसलिम समुदाय में भाजपा को लेकर फैली भ्रांतियां दूर करने के लिए संघ ने पहल की है।
इसके तहत देश भर में 30 फीसदी से ज्यादा मुसलिम आबादी वाले 100 जिलों में भाजपा खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के बीच जाएगी। इसके अलावा पहले से ज्यादा मुसलिम नेताओं को लोकसभा के चुनावी मैदान में उतारा जाएगा।
मुसलिम वोटों का ध्रुवीकरण रोकन की भी कोशिश
संघ नेता इंद्रेश कुमार भाजपा के इस चुनावी अभियान पर नजर रखेंगे। भाजपा मुसलिम समुदाय के बीच जाकर उनके आर्थिक, शैक्षिक व सामाजिक उत्थान को लेकर अपना एजेंडा बताएगी।
पार्टी की कोशिश रहेगी कि मुसलिम समुदाय यदि उसे वोट नहीं भी देता है, तो भी कम से कम उसके खिलाफ ध्रुवीकरण न हो पाए। क्योंकि अब तक यह देखा गया है कि ज्यादातर मामलों में अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा को हराने में जुट जाता है।
इसलिए भाजपा के अलावा संघ के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय मुसलिम मंच को भी इस अभियान में लगाया जाएगा।
भाजपा का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास'
इसमें मुसलिम समुदाय से कहा जाएगा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को लेकर चुनाव मैदान में जा रही है। इसके लिए संघ की पहल पर मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय मुसलिम मंच की एक बैठक बुलाई गई है।
इसमें इंद्रेश कुमार के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, संगठन महासचिव रामलाल, पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी व शाहनवाज हुसैन समेत अल्पसंख्यक समुदाय के नेता भी शामिल होंगे।