कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रविवार को एक बार फिर भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर निशाना लगाया। गुजरात के मुख्यमंत्री अमेरिकी राजदूत की मुलाकात के बाद दिग्गी ने हमला बोलने के लिए अमेरिकी लॉबिस्ट का मामला ही उठाया।
कांग्रेसी नेता ने नरेंद्र मोदी पर अटैक करने के लिए भारतीय-अमेरिकी संजय पुरी से कथित रिश्तों को उठाया। पुरी ने तीन लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर ओवरबिलिंग फर्जीवाड़े को सेटल करने के लिए 33 लाख डॉलर का जुर्माना भरने पर रजामंदी दी थी।
मोदी की चुप्पी पर सवाल
यूएस इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के चेयरमैन संजय पुरी भारतीय जनता पार्टी के लिए लॉबिंग कर रहे हैं और उनका कहना है कि उन्होंने या उनकी कंपनी ने कोई गुनाह नहीं किया है।
संजय पुरी और मोदी कथित तौर पर एक तस्वीर में दिख रहे हैं और इस पर सिंह ने कहा, "मोदी के करीबी संजय पुरी पर अमेरिकी प्रशासन ने ओवर बिलिंग को लेकर 33 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया है। मोदी की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई?"
पुरी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
इस सप्ताह की शुरुआत में पुरी ने कहा था, "सेटलमेंट के तहत एंगेज (कंपनी) ने सरकार के प्रति किसी भी तरह की देनदारी से इनकार किया है। खास तौर से इसी मुद्दे पर बात करें, तो एंगेज मेडिकल किसी तरह का कोई फर्जीवाड़ा न करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उसने कोई फर्जीवाड़ा स्वीकार नहीं किया है।"
उन्होंने कहा था, "मेरी कंपनी ने दो साल से ज्यादा वक्त तक सरकार से लड़ाई लड़ी है, ताकि सच बाहर आ सके।" उनका कहना है कि सेटलमेंट इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने कुछ गलत किया था।
हर बात पर राजनीति शुरू
संजय पुरी ने कहा कि सरकार ने पहले करोड़ों डॉलर क्लेम किया था और वक्त खपाऊ एवं महंगे डिफेंस से बचने के लिए एंगेज उस सेटलमेंट पर सहमत है, जिसमें वास्तविक क्लेम का छोटा हिस्सा मांगा गया है।
उन्होंने कहा, "अब यह मामला सेटल हो चुका है, ऐसे में सरकार का गैर-तथ्यात्मक, अपमानजनक टिप्पणी करना गलत और गैर-जिम्मेदाराना है।" पुरी शायद ये नहीं जानते कि हिंदुस्तान में जब चुनावों का मौसम होता है, तो हर बात पर सियासत मुमकिन है।