राज्यसभा का नया सत्र 23 अप्रैल से 13 मई तक होगा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति ने इस आशय की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी है।
भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पर दोबारा अध्यादेश जारी करने के लिए मोदी सरकार ने 28 मार्च को राज्यसभा का सत्रावसान कर दिया था। दरअसल सरकार एकजुट विपक्ष के विरोध के चलते बजट सत्र के पहले चरण में बिल को राज्यसभा से पारित नहीं करा पाई थी।
चूंकि सत्र के जारी रहते नया अध्यादेश जारी नहीं किया जा सकता था, इसलिए सरकार ने उच्च सदन का सत्रावसान कर बिल पर दोबारा अध्यादेश जारी किया था। राज्यसभा का यह 235वां सत्र होगा। लोकसभा में बजट सत्र का दूसरा चरण 20 अप्रैल से शुरू होगा।
राज्यसभा का सत्र लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के साथ ही शुरू करने में कुछ तकनीकी दिक्कत थी। दरअसल उच्च सदन के कार्य संचालन नियम 39 के तहत प्रश्न पूछने के नोटिस देने के लिए सदस्यों को कम से कम 15 दिन का समय दिया जाना अनिवार्य है।
इसलिए समिति ने लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीन दिन बाद राज्यसभा के सत्र के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेजी। राज्यसभा के नए सत्र में सरकार के सामने एक बार फिर से भूमि बिल को कानूनी जामा पहनाने की चुनौती होगी।
कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी दल अब भी भूमि अध्यादेश के खिलाफ सियासी मोर्चा खोले हुए हैं। कांग्रेस ने 19 अप्रैल को बिल के विरोध में किसान रैली का आयोजन करने की घोषणा की है।