नए काला धन कानून के तहत अगले वित्त वर्ष से कर विभाग के सवालों के जवाब देने में नाकाम रहने पर दो लाख रुपये तक जुर्माना लग सकता है। इस कानून को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी मिल चुकी है।
काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम-2015 में 50 हजार न्यूनतम जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा कर अधिकारी विदेशी में जमा संदिग्ध काले धन की जांच के घेरे में आए लोगों को ईमेल के जरिए समन या नोटिस भेज सकेंगे।
इसके साथ ही फैक्स के जरिए जानकारी भी मांग सकेंगे। इस कानून को मंगलवार को राष्ट्रपति ने अपनी स्वीकृति दे दी है और यह एक अप्रैल 2016 से अमल में आएगा।
न्यूनतम जुर्माना राशि 50 हजार से कम नहीं होगी
अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियों की समस्या से निपटने के लिए इस कानून को राज्यसभा ने 13 मई को पास किया था। इससे दो दिन पहले लोकसभा ने इसे अपनी मंजूरी दी थी।
इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना किसी उचित कारण के पूछे गए सवालों का जवाब देने में विफल रहता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
यदि वह व्यक्ति कार्यवाही के दौरान किसी बयान पर हस्ताक्षर करने में विफल रहता है या फिर भेजे गए समन के जवाब में उपस्थित होने या बही खाते अथवा दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराता है, तो भी उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसमें कहा गया है कि जुर्माना 50 हजार रुपये से कम नहीं होगा और यह 2 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा।
अब स्विट्जरलैंड निष्क्रिय बैंक खातों की सूची करेगा जारी
स्विट्जरलैंड ने स्विस बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों समेत विदेशी नागरिकों के नाम सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। साथ ही वह अब पिछले 60 सालों से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों की सूची भी सार्वजनिक करेगा।
यह सूची इस साल के अंत तक जारी होगी। इसमें स्विट्जरलैंड में विदेशियों के बैंक खातों और उनमें जमा संपत्ति की जानकारी होगी। स्विस सरकार के इस कदम से इन खातों के लाभकर्ता अपना दावा कर सकेंगे। ये खाते 1955 से निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
स्विस बैंकिंग लोकपाल का कहना है कि सूची में उन खातों का जिक्र होगा जिनमें न्यूनतम बैलेंस 500 स्विस फ्रैंक होंगे और जो कम से कम 50 साल से निष्क्रिय पड़े हैं।