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सरकार और कांग्रेस के बीच अब नया विवाद

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सरकार और कांग्रेस के बीच विवादों की सूची कम होने के बजाए और लंबी होती जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और डिप्टी स्पीकर पद के मामले में जारी विवाद के बाद अब आगे की सीटों पर बैठने के मामले में सरकार और कांग्रेस के बीच विवाद बढ़ गया है।
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कांग्रेस ने जहां लोकसभा स्पीकर की आगे की दो सीटों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, वहीं स्पीकर ने कांग्रेस की चार सीटों की मांग पूरी करने के मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि स्पीकर के फार्मूले के मुताबिक सदन की आगे वाली 20 सीटों में से 12 राजग के हिस्से में आएंगी, जबकि शेष 8 सीटों में से कांग्रेस को दो, अन्नाद्रमुक, बीजेडी, तृणमूल कांग्रेस, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और डिप्टी स्पीकर के लिए एक-एक सीट दिए जाने का प्रस्ताव है।
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आगे की चार सीटें चाहती है कांग्रेस

भाजपा का कहना है कि चूंकि 543 सदस्यों वाले सदन में आगे की एक सीट के लिए कम से कम 27 सीटें होना जरूरी है, ऐसे में 44 सदस्यों वाली कांग्रेस को दो सीटें महज उदारता बरतते हुए ही दी जा सकती हैं।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक स्पीकर ने कांग्रेस को आगे की पंक्ति वाली दो सीटों से ज्यादा देने में अपनी असमर्थता जता दी है। कांग्रेस चाहती थी कि सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कैप्टन अमरिंदर सिंह और कमलनाथ के लिए आगे की एक एक सीट हर हाल में दी जाए।

चूंकि भाजपा में भी वरिष्ठ नेताओं की भरमार है, इसलिए वह चाह कर भी कांग्रेस की मांग पूरी नहीं कर सकती। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक राजग के हिस्से आने वाली आगे की 12 सीटों में से एक सीट प्रधानमंत्री की होगी। जाहिर तौर पर दो सदस्यों वाले प्रधानमंत्री के बेंच पर अन्य कोई नेता नहीं बैठेगा।

इसके अलावा पार्टी को हर हाल में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, रामबिलास पासवान और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के लिए आगे की पंक्ति की सीट चाहिए।
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कैसे मानेंगी अन्नाद्रमुक और तृणमूल कांग्रेस?

मुलायम सिंह दो बार मुख्यमंत्री और देवगौड़ा प्रधानमंत्री रह चुके हैं, इसलिए परंपरा का निर्वाह करते हुए इन दो नेताओं को आगे की सीट मुहैया करानी ही पड़ेगी।

फिर समस्या यह है कि अगर किसी प्रकार कांग्रेस के लिए आगे की पंक्ति की चार सीटों का इंतजाम किया गया तो अन्नाद्रमुक और तृणमूल कांग्रेस एक-एक सीट पर किसी कीमत पर राजी नहीं होगी।
 
उधर नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर सरकार के साथ-साथ सीधे स्पीकर पर हमला करने वाली कांग्रेस ने इस मुद्दे को भी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हालांकि इस बारे में अभी तक स्पीकर ने व्यवस्था नहीं दी है, मगर भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस ने पिछली लोकसभा में चार सीटें हासिल करने वाले राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव को आगे की सीट मुहैया कराई थी।
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