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'अभियुक्त भागा तो जमानत लेने वाले पर होगी कार्रवाई'

Fri, 11 Oct 2013 01:41 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर जमानत मिलने के बाद अभियुक्त गायब हो जाता है तो उसकी जमानत की गारंटी देने वाले के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की नजर में ऐसे मामलों में खतरनाक ढंग से बढ़ोतरी हो रही है।
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कोर्ट ने जमानत के बाद अभियुक्तों के गायब होने की बढ़ती प्रवृति पर चिंता जताई है। अदालत का कहना है कि जमानत मिलने के बाद अभियुक्त सजा में गतिरोध पैदा करने और इससे बचने के लिए गायब होने की कोशिश करते हैं।

लिहाजा अदालतों को इस तरह की प्रवृति पर मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए। इस तरह के मामलों में अदालतों को अपील खारिज करने और दूसरी कार्रवाइयां करनी चाहिए।

जस्टिस टीएस ठाकुर और जस्टिस विक्रमजीत सेन की पीठ ने इस तरह की प्रवृति पर अपनी टिप्पणी में कहा, ‘हमें लगता है कि अभियुक्त या फिर उसके वकील के गायब होने की स्थिति में अपीलीय अदालत को उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जिसने जमानत के समय उनकी गारंटी ली है। ऐसा करने पर अभियुक्त को ढूंढा जा सकता है और उसे कोर्ट में भी पेश किया जा सकता है।’
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दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि अगर ऐसा करने पर भी अभियुक्त को कोर्ट में पेश करने में नाकामी मिलती है तो अपीलीय अदालत को अभियुक्त के वकील की अपील खारिज करने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि अगर अभियुक्त दंड प्रक्रिया में गतिरोध पैदा करते रहे और इससे बचने की कोशिश करने में कामयाब होते रहे तो समाज में शांति और एकता कहानियों की बातें होकर रह जाएंगी।

जस्टिस ठाकुर और जस्टिस सेन की पीठ ने कहा कि हमें लगता है अभियुक्तों के मानवाधिकारों की बातों को अब काफी बढ़ा चढ़ाकर कहा जा रहा है। हम देख रहे हैं कि अभियुक्त कोर्ट के सामने अपील या आवेदन करके जमानत हासिल कर लेते हैं या फिर सरेंडर करने से बच जाते हैं।
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लेकिन ऐसा करके वह गायब होने का बहाना ढूंढते हैं। इस तरह की प्रवृति से आपराधिक न्याय प्रणाली बंधक बन जाती है।
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