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नेहरू के बहाने सामने आई कांग्रेस की अंतर्कलह

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देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विरासत को बचाए रखने की कोशिश में बुलाया गया कांग्रेस का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन उसकी फजीहत का सबब बनता जा रहा है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर कांग्रेस के पर्दे के पीछे की अंतर्कलह सामने आ गई है।
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मोदी सरकार को राजनीतिक चुनौती देने के मकसद से बुलाए गए इस सम्मेलन से कई बड़े नेताओं के गायब रहने का विवाद शीर्ष नेताओं के बीच आपसी तकरार की वजह बन गया है। कहा जा रहा कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम और कमलनाथ ने सम्मेलन में नहीं बुलाने को लेकर इसके आयोजक आनंद शर्मा के रवैये को लेकर हाईकमान के सामने नाराजगी जताई है।

हालांकि, कांग्रेस ने ऐसा कोई विवाद होने को लेकर इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस कार्यसमिति, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों को बुलाया गया था।
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कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि निमंत्रण तो कई शादियों का मिलता है, मगर सभी में नहीं जाते। उधर, आनंद शर्मा भी कह चुके है कि तकरीबन सभी प्रमुख नेताओं को बुलाया गया था।
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कई नेताओं को नहीं बुलाने पर बवाल

दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चिदंबरम, कमलनाथ, सलमान खुर्शीद, एके एंटनी, जयराम रमेश, कपिल सिब्बल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्घारमैया समेत कई नेताओं के नहीं आने की बात कही जा रही है। विवाद तब और बढ़ गया जब कहा जाने लगा कि बड़े नेताओं को बुलाया ही नहीं गया है।

हालांकि आनंद शर्मा ने सम्मेलन के आखिरी दिन मंगलवार को बड़े नेताओं को नहीं बुलाने की बात से इनकार किया था। चिदंबरम और कमलनाथ के नाराज होने को लेकर चर्चा तेज होने के बीच पार्टी ने शुक्रवार को इसे लेकर सफाई दी।

पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पार्टी ने बाकायदा निमंत्रण की श्रेणी बनाई थी। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य, विस्तारित कार्यसमिति के सदस्य के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, सांसद और यूपीए सकरार के पूर्व मंत्रियों को निमंत्रण दिया गया था। इससे पहले पार्टी ने कहा कि किसी कांग्रेस नेता ने यह बात ऑन रिकॉर्ड नहीं कही है।
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