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मोदी और राहुल के खिलाफ एक नया मोर्चा?

Sun, 02 Feb 2014 01:30 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
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कांग्रेस और भाजपा की विरोधी पार्टियों ने एक अलग मोर्चा तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। इस सिलसिले में 5 फरवरी को दिल्ली में इन पार्टियों की एक बैठक होगी।
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बिहार में खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने के लिए आयोजित एक समारोह के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की विरोधी पार्टियों की 5 फरवरी को नई दिल्ली में बैठक होगी।

इसमें समान विचार धाराओं वाली पार्टियों के नेता शामिल होंगे। बैठक में यह पार्टियां साझा मोर्चे के गठन पर विचार-विमर्श करेंगी।

वाम मोर्चा इस तरह के एक नए मोर्चे के गठन की पहल कर रहा है। जनता दल (यूनाइटेड) इसे समर्थन दे रहा है। हालांकि उन्होंने दिल्ली की बैठक में शिरकत करने वाले नेताओं के नाम जाहिर करने से इनकार कर दिया।
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कई नेताओं ने दिखाई दिलचस्पी

सूत्रों का कहना है कि इसमें ‘जनता परिवार’ की पार्टियों मसलन समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव, जनता दल (सेक्युलर) के एचडी देवगौड़ा, बीजू जनता दल के नवीन पटनायक और जनता दल यूनाइटेड के शरद यादव और भाकपा, माकपा के नेता शामिल हो सकते हैं।

मोर्चे के गठन की कवायद तेज होने का संकेत देते हुए नीतीश ने कहा कि कई नेताओं ने इस नए विकल्प में दिलचस्पी दिखाई है। उनसे जनता दल यूनाइटेड के दोबारा एनडीए में जाने के बारे में भी पूछा गया लेकिन उन्होंने कहा कि इसका कोई सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने संभावित मोर्चे के खिलाफ शरद यादव के कथित बयान का भी खंडन किया। कुछ खबरों में कहा गया था कि शरद यादव ने इसे महज गपबाजी करार दिया था।

माकपा ने भी साझा मंच बनने के ‌दिए संकेत

वहीं मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने लोकसभा चुनावों से पहले नए विकल्प का संकेत दिया है। पार्टी के महासचिव प्रकाश करात का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा विरोधी कम से कम दस पार्टियां एक कारगर विकल्प के लिए साथ आने को तैयार हैं।

प्रकाश करात ने हैदराबाद में पत्रकारों से कहा, ‘इस वक्त मोर्चा जैसी कोई बात नहीं है। अब तक तीसरे मोर्चे के बारे में किसी ने बात नहीं की है। हम इस समय सिर्फ गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई पार्टियों को एक साथ लाना चाहते हैं। चुनाव नतीजों को देखने के बाद ही हम यह तय कर पाएंगे कि इसे एक ठोस शक्ल दिया जा सकता है या नहीं। लेकिन इतना तय है कि चुनावों में हम एक दूसरे का साथ देंगे। एक दूसरे का सहयोग का तरीका तय किया जा रहा है।’
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वैकल्पिक मंच को लेकर मुहिम

करात ने कहा कि गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा पार्टियां पांच फरवरी को वैकल्पिक मंच के गठन के बारे में अपना ‘साझा रुख’ जाहिर करेंगी। सत्र के पहले ही दिन नए विकल्प के गठन के संकेत दिख जाएंगे।

इसके तहत कुछ पार्टियां संसद के नए सत्र के बारे में अपना रुख रखेंगी। कई मुद्दों पर इसके नेता अपनी राय जाहिर करेंगे।

मसलन यूपीए सरकार इस सत्र में कई बिल पारित कराना चाहती है। लेकिन हमारा मानना है कि ऐसा करना ठीक नहीं है। क्योंकि अंतिम सत्र लेखानुदान मांगों को पेश करने के लिए है। कांग्रेस इसमें कई और मुद्दे भी शामिल करना चाहती है।

अन्नाद्रमुक, जनता दल (यूनाइटेड), बीजू जनता दल, समाजवादी और वामपंथी पार्टियां इन मसलों पर अपना साझा रुख जाहिर करेंगी। ये पार्टियां गैर भाजपा, गैर कांग्रेस गठजोड़ बनाने में दिलचस्पी ले रही हैं।
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