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नए भाजपा अध्यक्ष को बहोरीबंद का झटका

Mon, 25 Aug 2014 07:56 PM IST
जयप्रकाश पाराशर/ अमर उजाला, मध्य प्रदेश
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मध्य प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने अपने स्वागत के लिए 25 अगस्त का दिन इसलिए चुना था कि उन्हें लग रहा था कि उप चुनाव में भाजपा तीनों सीटें जीतेगी। लेकिन कांग्रेस ने बहोरीबंद सीट जीतकर नए अध्यक्ष को हार की समीक्षा का बयान देने पर बाध्य कर दिया है।
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विधानसभा और लोकसभा के चुनावों में करारी शिकस्त का सामना कर रही कांग्रेस को बहोरीबंद सीट जीतने से काफी सहारा मिला है, क्योंकि यह सीट भाजपा के पास थी। बहोरीबंद सीट जीतने वाले सौरभ सिंह भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं।

बहोरीबंद से सौरभ सिंह ने भाजपा के प्रणव पांडे को 7,977 वोट के अंतर से हराया। इस सीट से कांग्रेस के विधायक रहे निशीथ पटेल हाल ही में भाजपा में शामिल हो गए थे। विजय राघवगढ़ सीट पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए संजय पाठक ने कांग्रेस के बृजेंद्र मिश्रा पाठक को 53,397 मतों के भारी अंतर से हराया। आगर मालवा में भाजपा के गोपाल परमार ने कांग्रेस के राजकुमार गोर को 27,102 मतों के भारी अंतर से हराया।
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मध्य प्रदेश में विधानसभा की तीन उप चुनावों में हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष बने नंदकुमार सिंह चौहान को उम्मीद थी कि स्कोर 3-० रहेगा। इसी उम्मीद में उन्होंने अपने स्वागत जुलूस का कार्यक्रम 25 अगस्त को भोपाल में रख लिया। भाजपा के रणनीतिकारों का अनुमान था कि आगर और बहोरीबंद तो पहले ही उनके पास थीं। इसलिए इन्हें जीतने में कोई समस्या नहीं आएगी। दूसरी तरफ विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक विधानसभा चुनावों के ठीक पहले भाजपा में आ गए थे। इसलिए भाजपा इस सीट को लेकर भी आश्वस्त थे।

बहोरीबंद विधानसभा सीट पर कांग्रेस के सौरभसिंह ने जीत हासिल की। कांग्रेस को यह विजय एक अच्छा उम्मीदवार मैदान में उतारने के कारण हासिल हुई। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बहोरीबंद की जीत से दो निष्कर्ष साफ निकलते हैं। एक, नरेंद्र मोदी का करिश्मा तेजी से खत्म हो रहा है।

दूसरा, कांग्रेस ने अच्छे उम्मीदवार को टिकट दिया तो जीत मिल गई। यानी वह पिछले चुनाव में टिकट अच्छे बांटती तो ज्यादा सीटें जीतती। बहोरीबंद में भाजपा के विधायक प्रभात पांडे का निधन होने के कारण सीट रिक्त हुई थी। वहीं आगर मालवा के विधायक मनोहर ऊंटवाल के लोकसभा सांसद चुने जाने के कारण सीट खाली हुई थी।
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