केंद्रीय सूचना आयोग ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पत्नी और बेटी के बारे में गोपनीय फाइलें सार्वजनिक नहीं करने के प्रधानमंत्री कार्यालय के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है।
पीएमओ ने चिंता जताई है कि ऐसा करने से कई देश परेशान हो सकते हैं। मुख्य सूचना आयुक्त राजीव माथुर ने अपीलकर्ता चंद्रचुर घोष की याचिका को निपटाते हुए कहा कि हम सूचना से इनकार करने के फैसले को कायम रखते हैं।
पीएमओ ने नेताजी की पत्नी और बेटी के लिखे गए पत्रों को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया था। घोष ने पीएमओ के इसी फैसले को मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष चुनौती दी थी।