प. बंगाल सरकार की ओर से गोपनीय फाइलें जारी किए जाने के बाद नेताजी से संबंधित पुस्तकों की बिक्री में अचानक तेजी आई है। कोलकाता में किताबों की मशहूर गली कॉलेज स्ट्रीट में अब इन पुस्तकों की तलाश में पहुंचने वालों की संख्या बढ़ने लगी है।
पुस्तक विक्रेताओं व प्रकाशकों का कहना है कि 11 सितंबर को मुख्यमंत्री की ओर से फाइलों को सार्वजनिक किए जाने के ऐलान के बाद से ही पाठक वर्ग का इन किताबों की तलाश में बाजार पहुंचना शुरू हो गया था।
पाठक मोहित पाल कहते हैं कि गोपनीय फाइलों ने दशकों बाद नेताजी के बारे में नए सिरे से कौतूहल पैदा किया है। मैं नेताजी के बारे में सब कुछ जानना चाहता हूं।
नेताजी की जीवनी की तलाश में कॉलेज स्ट्रीट पहुंची रिया पाल कहती हैं कि नेताजी का जीवन हमेशा एक रहस्यमय लोकगाथा रही है। अब गोपनीय फाइलों के सामने आने के बाद मैंने नेताजी को श्रद्धांजलि के तौर पर उनकी जीवनी को नए सिरे से पढ़ने का फैसला किया है।
रिया कहती हैं कि एक सामान्य आदमी के लिए उन तमाम फाइलों को पढ़ना संभव नहीं है। ऐसे में किताबें ही नेताजी की यादों को ताजा करने का सबसे आसान तरीका हैं।