मैगी के मुद्दे पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले ने भारतीय बाजार से मैगी को पूरी तरह से हटाने का ऐलान किया है। इस बीच FSSAI ने मैगी का उत्पादन रोकने को कहा है।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मैगी के 9 वैरिएंट को ज्यादा खतरनाक बताया है। इसके साथ ही पूरे देश में मैगी पर बैन लगा दिया गया है।
मैगी पर जारी विवाद के बीच इसे बनाने वाली कंपनी नेस्ले के सीईओ अपना पक्ष रखने के लिए सामने आए। नेस्ले की ओर से साफ कहा गया कि मैगी नूडल्स की जांच उन्होंने भी कराई है, जिसमें कोई खामी नहीं मिली है।
नेस्ले के सीईओ ने दी सफाई
नेस्ले के सीईओ पॉल बुल्के के मुताबिक, मैगी पिछले 30 साल से भारत का विश्वसनीय ब्रांड है। हमने कभी इसकी क्वालिटी से समझौता नहीं किया है।
हम अपने उपभोक्ताओं का विश्वास नहीं खो सकते हैं। इसलिए हम अपने उत्पाद में MSG का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
नेस्ले के सीईओ ने साफ किया अगर हमारे उपभोक्ताओं को मैगी से किसी भी तरह की शिकायत है तो हम संबंधित विभागों को इसकी जांच के लिए कहेंगे।
उत्पाद की क्वालिटी और उसकी सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। हमारे पास कोई तीसरे पक्ष का कोई भी डाटा नहीं है जिसने मैगी की जांच कराई हो।
FSSAI ने मैगी के उत्पादन पर लगाई रोक
नेस्ले के संजय खजुरिया ने कहा कि हम नियंत्रकों से साफ कहना चाहते हैं
कि आखिर उन्होंने जो भी टेस्ट किए उसकी रिपोर्ट हमें भी मुहैया कराई जाए।
उन्होंने साफ कहा कि आखिर हमें भी तो पता कि दूसरे जांच परिणाम और उनकी
जांच में क्या अंतर है।
नेस्ले के सीईओ पॉल बुल्के ने कहा कि हम पूरी तरह से आशान्वित हैं कि हम जल्द से जल्द वापस आएंगे। ये हमारा सबसे पहला उद्देश्य है। हालांकि हमने करीब एक हजार मैगी के पैकेट्स की जांच की है। इस जांच में लेड नहीं मिला है।
फिलहाल नेस्ले की सफाई के बाद भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कंपनी को मैगी का उत्पादन रोकने की बात कही है। इसके साथ ही पूरे देश में मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।