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धर्मांतरण के शक में तीन को ट्रेन से खींचकर पीटा

Wed, 13 Aug 2014 06:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा/आगरा
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बड़ी संख्या में नेपाली श्रमिकों को धर्मांतरण के लिए ले जाए जाने के संदेह के चलते मथुरा जंक्शन पर मंगलवार को करीब 5 घंटे तक हंगामा चला। मंगला एक्सप्रेस से खींचकर तीन लोगों की पिटाई भी की गई।
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साथ के 56 श्रमिकों को ट्रेन से उतार लिया गया। शाम तक चली पड़ताल के बाद जब सही तस्वीर सामने आई तो हमलावर खिसक गए। रेलवे पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज की है।

आगरा के कैंट स्टेशन पर भी इसी मामले को लेकर हिंदुवादियों ने हंगामा किया।

चेन पुलिंग कर की युवकों की पिटाई

मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक से सुबह मंगला एक्सप्रेस चलने ही वाली थी। करीब 11:30 बजे खुद को एक हिंदूवादी संगठन का सदस्य बता रहे कुछ लोगों ने थ्री टियर कोच से तीन लोगों को बाहर खींच लिया।

उन्हें धर्म परिवर्तन कराने वाला बताते हुए पीटना शुरू कर दिया। उनके साथी जनरल कोच में घुसकर बैठे नेपालियों को उतारने लगे। ट्रेन चली तो तीन बार चेन पुलिंग भी की। यह सब देख ट्रेन और प्लेटफार्म के यात्री सहम गए।

जीआरपी के जवानों ने पिट रहे लोगों को बचाया और सबको थाने ले गए। हमलावरों ने यहां भी तीनों पर नेपालियों को धर्म परिवर्तन के लिए ले जाने का आरोप दोहराया।
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ट्रेन से उतार गए 56 श्रमिक

इसी बीच लखनऊ से फोन खड़कने पर पुलिस के अफसर भी थाने पहुंचे। शाम चार बजे तक चली पूछताछ में साफ हुआ कि पीटे गए मोहम्मद मुसैब, युसूफ जाऊजी और इश्हाक महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में मछली के कारोबारी हैं।

सीओ जीआरपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि वे नेपाली श्रमिकों के दल को ठेके पर मछली पकड़ने के लिए ले जा रहे थे। संदेह में उन पर हमला हुआ।

बताते हैं, ट्रेन से 56 श्रमिक उतारे जा सके फिर भी 35 ट्रेन में ही रह गए। उधर ट्रेन जब आगरा कैंट से भी मंगलोर के लिए निकल गई तो हिंदूवादी संगठनों के लोग पहुंचे। उन्होंने रेलवे पुलिस थाने में काफी देर तक इस बात के लिए हंगामा किया कि इन श्रमिकों यहां क्यों नहीं उतारा गया।
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