रेडियोएक्टिव उर्त्सजन से लोगों को बचाने के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(एनडीएमए) ने देशभर में और 1000 सर्विलांस वाहन लाने का निर्णय लिया है।
इन वाहनों को देश के विभिन्न शहरों में लगाया जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि रेडियोएक्टिव उत्सर्जन के खतरों का पता लगाने और उससे उत्पन्न होने वाले खतरों से निपटने के काम को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में एनडीएमए ने कहा है कि इन वाहनों को 56 शहरों के संबंधित थानों के साथ जोड़ा जाएगा। पायलट प्रोजक्ट के तौर पर एनडीएमए इसकी शुरुआत करने जा रहा है।
मालूम हो कि 900 ऐसे वाहन पहले से ही इस काम में लगे हुए हैं। एनडीएमए की यह पहल इस मायने में बेहद अहम है क्योंकि केंद्र में काबिज मोदी सरकार की योजना नाभीकीय उर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने की है।