भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर विपक्ष के साथ-साथ अपने सहयोगियों के हमले झेल रही मोदी सरकार मझधार में फंसती दिख रही है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचाव की जगह आक्रामक रुख अपनाने की नसीहत के बावजूद राजग सांसदों का मानना है कि पूरे मामले में सरकार से चूक हुई है।
अध्यादेश की बारीकियों और किसानों को इसके फायदे के बारे में बताने के लिए मंगलवार देर शाम हुई एक बैठक में सांसदों ने खुलकर अपनी बात रखी है। मोदी सरकार ने इस मसले पर सांसदों को ‘शिक्षित’ करने के लिए पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन की व्यवस्था कर रखी थी।
संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू की अगुवाई में हुई इस बैठक में सांसदों से अध्यादेश के फायदों के बारे में जनता तक संदेश पहुंचाने की बात कही गई, लेकिन पीएम मोदी की गैरमौजूदगी में हुई इस बैठक में सांसदों ने खुलकर अपनी बात रही और कहा कि पूरे मामले से निपटने में सरकार से चूक हुई है, लिहाजा अब डैमेज कंट्रोल से कोई फायदा नहीं है। सांसदों ने कहा कि जनता में संदेश जा चुका है कि अध्यादेश किसानों के खिलाफ है।