केंद्र की राजग सरकार ने यूपीए सरकार की अधुरी रह गई एक योजना को पूरा कर सकती है। यूपीए सरकार ने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल वितरण की योजना बनाई थी।
500 करोड़ रुपए का बजट खर्चकर गरीबी रेखा के नीचे के लगभग 2 करोड़ 50 लाख घरों को मोबाइल देने की योजना थी, जिसका लाभ 10 से 12.5 करोड़ लोगों को होता। योजना को लोकसभा चुनावों के लिए यूपीए सरकार को तुरूप का इक्का भी माना गया था। हालांकि उस सरकार ने योजना को बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
राजग सरकार ने योजना की पुरानी फाइलों को झाड़फूंककर बाहर निकाल लिया है। राजग सरकार ने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनधन योजना और डिजिटल इंडिया योजना को जोड़ने के लिए यूपीए की योजना का क्रियान्वित करने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत राजग सरकार की योजना देश की आबादी को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की है, जबकि डिजिटल इंडिया योजना का लक्ष्य देश के सभी गांवों को इंटरनेट से जोड़ना है।
राजग सरकार दोनों योजनाओं की सफलता के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की मोबाइल वितरण योजना का अनुकूल मान रही है।
1200 रुपए का होगा मोबाइल फोन
दरअसल, दूरसंचार विभाग ने कैबिनेट की बैठक के लिए एक नोट तैयार किया है, जिसमें कहा गया है, 'ग्रामीण इलाकों में टेलीडेंसिटी का न्यूनतम स्तर और मोबाइल फोन को सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन मानते हुए, यूनिवर्सल ऑब्लिगेशन फंड से एक नई योजना आरंभ करने का प्रस्ताव है, जिसका लक्ष्य ग्रामीणों को इंटरनेट सुविधाएं प्रदान करना है, जो मोबाइल के रूप में होगा।
यूनिवर्सल ऑब्लिगेशन फंड में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाईडर द्वारा दिए जाने वाले टैक्स और फीस का एक हिस्सा जामा किया जाता है, जिसका उपयोग आर्थिक रूप से कम लाभ वालों इलाकों में टेलीकॉम सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाता है।
दूरसंचार विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि केंद्र सरकार गरीबी रेखा के नीच के परिवारों की वयस्क महिला सदस्य को 1200 रुपए की कीमत का एक मोबाइल फोन देगी। फोन में 30 रुपए का मुफ्त रिचार्ज हर महीने दिया जाएगा। ये सुविधा दो वर्ष तक उपलब्ध होगी। इसके अलावा 300 SMS और 30 MB डाटा भी फ्री होगा।
फोन पर SMS के जरिए कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारियां भी दी जाएंगी। सभी सुविधाओं के लिए उपभोक्ता को 300 रुपए खर्च करना होगा। दूरसंचार विभाग ने जैसा प्रस्ताव तैयार किया है, यूपीए सरकार की योजना भी बिलकुल ऐसी ही थी।