भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को पीएम पद के योग्य बताए जाने के बीच बृहस्पतिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राजग ने अभी तक प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विचार बाद में किया जाएगा।
जद-यू नेता ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पीएम गठबंधन के सबसे बड़े दल का होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पद पर किसी को मनोनीत नहीं किया जाना चाहिए। इस पद पर बैठने वाले व्यक्ति में प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक कौशल भी होना चाहिए।
कुमार ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा द्वारा पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को यदि राजग के अन्य दलों का समर्थन चाहिए होगा तो वह इस बारे में उनसे सलाह करेगी।
उनके नेतृत्व में सरकार बनाए जाने की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि मैं इस रेस से बहुत दूर हूं और पीएम बनने का मेरा कोई सपना भी नहीं है। केंद्र में गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा सरकार बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह तय है कि केंद्र में किसी एक दल की सरकार नहीं बनेंगी।
अगले चुनाव में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को पीएम बनाए जाने की चर्चाओं के बारे में पूछे जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अभी तक इसका ऐलान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी कांग्रेस की नेता हैं और उन्होंने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री मनोनीत किया है। वैसे ही राहुल गांधी खुद पीएम बनेंगे या किसी को मनोनीत करेंगे यह अभी तय नहीं है।
पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करना ठीक नहीं: सुषमा
भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने भले ही पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी का नाम लिया हो, लेकिन उनके विचार से पार्टी को अगले चुनाव में इस पद के लिए पहले से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं करना चाहिए।
अपनी इस दलील के पक्ष में उन्होंने कहा कि यह समय गठबंधन का है और चुनाव के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों और संख्या के आधार पर इसका फैसला होना चाहिए।
स्वराज ने कहा कि मान लीजिये हम किसी एक नेता को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर देते हैं और सहयोगी तथा समर्थक दलों में उसके नाम पर सहमति नहीं बनती है तो क्या होगा।