एनडीए के बाद अब यूपीए के प्रमुख सहयोगी दल एनसीपी ने भी अलग तेलंगाना राज्य के गठन का समर्थन किया है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर अलग तेलंगाना राज्य के मामले को जल्दी से निपटाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि इस मामले पर अब और देरी ठीक नहीं।
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने बताया कि उन्होंने तेलंगाना के मामले पर प्रधानमंत्री से चर्चा की है। यूपीए की सहयोगी पार्टियों में एनसीपी पहली पार्टी है, जिसने तेलंगाना के गठन की मांग का समर्थन किया है। पवार ने कहा कि कांग्रेस भी कुछ हद तक तेलंगाना के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य का गठन अब केवल समय की बात है। तेलंगाना के मामले को जितनी जल्दी संभव होगा निपटाया जाएगा, क्योंकि अब इस मामले में देर करना ठीक नहीं।
कृषि मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी अलग तेलंगाना राज्य का समर्थन बहुत समय से करती रही है। यहां तक कि पार्टी ने टीआरएस मुखिया के. चंद्रशेखर राव के साथ मिल कर कुछ साल पहले रैली भी की थी।। यूपीए की प्रमुख सहयोगी पार्टी के मुखिया पवार ने कहा कि उनकी पार्टी को अलग विदर्भ राज्य के गठन में भी कोई आपत्ति नहीं है।
गौरतलब है कि पवार की यह टिप्पणी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बुधवार को ही कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा था कि उनकी पार्टी तेलंगाना राज्य के गठन के विरोध में नहीं है और सरकार निर्णय लेने की प्रक्रिया में है और इस मामले में जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
चुनावी राजनीति से सेवानिवृत्त के मूड में पवार
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वह 46 साल तक सांसद और विधायक रह चुके हैं और अब वह चुनावी राजनीति से सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। बहरहाल, उन्होंने कहा है कि वे पार्टी प्रमुख बने रहना चाहते हैं। साथ ही अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय का भी उनका कोई इरादा नहीं है।
राहुल से जुड़ा सवाल टाल गए
शरद पवार ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के बारे में पूछे गए सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा है कि वे राहुल गांधी को एक व्यक्ति के रूप में अच्छी तरह से नहीं जानते। साथ ही वे उनकी क्षमता के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते। ऐसे में उनके बारे में वे कोई विचार व्यक्त नहीं करना चाहते हैं।
अगले लोकसभा चुनाव के राहुल बनाम नरेंद्र मोदी होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस मजबूत होती है तो यूपीए भी मजबूत होगा।
तेलंगाना समर्थक सांसदों ने दी इस्तीफे की धमकी
अलग तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर कांग्रेस इस बार अपनों की वजह से ही मुश्किल में है। जल्द अलग राज्य न बनाए जाने की सूरत में तेलंगाना समर्थक सात कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को अपना इस्तीफा सौंपने की धमकी दी है। इन सांसदों में मांडा जगन्नाथम, पोन्नम प्रभाकर, एस राजैया, विवेक रेड्डी, सुखेंदर रेड्डी, राजगोपाल रेड्डी और मधु गौड़ याक्षी शामिल हैं।