पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि वह मोहब्बत और अमन का पैगाम लेकर भारत आए हैं और इसे दोनों देशों के लोगों के लिए एक नई शुरुआत मान रहे हैं।
शरीफ सोमवार को भारत के मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए।
नवाज किसी भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण में हिस्सा लेने वाले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री हैं। मंगलवार को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
गर्मजोशी से हुई नवाज की अगवानी
शरीफ पालम स्थित वायुसेना के हवाई अड्डे पर पाकिस्तानी वायुसेना के विमान से दिन में ग्यारह बज कर दस मिनट पर पहुंचे। हवाई अड्डे पर पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित और विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी अगवानी की।
शरीफ के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज और विदेश मामलों पर प्रधानमंत्री के सहायक तारिक फातमी, विदेश सचिव ऐजाज अहमद चौधरी और प्रधानमंत्री के पुत्र हुसैन नवाज समेत 30 लोग हैं।
वार्ता से जरिए ही समाधान
इससे पहले शरीफ ने भारत रवाना होने से पहले लाहौर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि वह शांति का संदेश लेकर भारत जा रहे है और दोनों देशों के बीच जो भी समस्याएं है उनका समाधान केवल वार्ता के जरिये ही हो सकता है।
दोनों मुल्कों के बीच शांति और सौहार्द का माहौल कायम हो। भारत समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ सकारात्मक संबंध पाकिस्तान की प्रमुख प्राथमिकता है। पाकिस्तान का 14 सदस्यीय एक दल द्विपक्षीय वार्ता का आधार तय करने के लिए रविवार को ही पहुंच गया था।
थम गए शांति के प्रयास
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के प्रयास उस समय थम गए थे, जब सीजफायर का उल्लंघन कर पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए हमले में पांच भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।
जनवरी में पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिक एक भारतीय सैनिक का सिर काट कर ले गए थे।
पांच भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी गई थी। भाजपा के सहयोगी शिव सेना ने नवाज शरीफ को बुलाने का कड़ा विरोध किया है और कहा है कि पाकिस्तान जब तक सीमा पार से आतंकवाद को नहीं रोकता तब तक उसके साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए।