नेवी अफसर पर प्रमोशन के लिए बीवी को 'बॉस' को सौंपने का आरोप लगने के बाद सेना के अफसरों के चरित्र को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। खासकर नेवी में बीवियों की अदला-बदली का आरोप स्तब्ध कर देने वाला है।
नेवी अफसर की पत्नी सुमेधा (बदला हुआ नाम) के आरोपों के मुताबिक करीब 30 फीसदी नेवी अफसर अपनी बीवियों की अदला बदली करते हैं।
यह भी आरोप लगाया कि पति ने अपनी नौकरी की सलामती की दुहाई देकर उनपर बीवियों की अदला-बदली वाली पार्टी (वाइफ-स्वैपिंग-इवनिंग) में शामिल होने के लिए जोर दिया था।
वह बताती हैं कि एक दिन जब उन्होंने अपने पति को दूसरी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा तो चीखते हुए उस पर बिफर पड़ीं।
आरोपों के मुताबिक सुमेधा की इस हरकत से दूसरी महिला भड़क गई और उसने न केवल उन्हें तमाचा मारा बल्कि चुप नहीं रहने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दे डाली।
यह भी खुलासा किया कि नेवी में हर रोज पार्टी होती है जिसमें महिलाएं बेहद अश्लील कपड़ों में शिरकत करती हैं।
सुमेधा के मुताबिक यहां वाइफ स्वैपिंग आम बात है। हालांकि वाइफ स्वैपिंग के आरोपों को नकारते हुए नेवी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। लेकिन रक्षामंत्री एके एंटोनी ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की है।
फिलहाल सुमेधा पति को छोड़कर बृहस्पतिवार को कोच्ची से दिल्ली आ गई।
सुमेधा के मुताबिक वह अपने पति को सीनियर अफसरों की बीवियों के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख चुकी हैं।
एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में पीड़िता ने खुलकर कहा कि उसके पति ने उन्हें अपने सीनियर्स के साथ सोने के लिए कहा था।
यह पूछे जाने पर कि वह अपने आरोपों को कैसे साबित करेंगी? जवाब दिया कि जो देखा है उसके बारे में उन्हें पूरा पता है। उन्होंने आईएनएस द्रोणाचार्य पर वाइफ स्वैपिंग की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस बाबत शिकायत 2011 में दर्ज की गई थी लेकिन मामले को दबा दिया गया।
क्या है आरोप
नेवी अफसर की पत्नी सुमेधा ने कोच्चि स्थित हार्बर पुलिस थाने समेत दिल्ली के वसंत विहार थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक पति के मौजूदगी में नेवी के तीन सीनियर अफसरों ने उनके साथ छेड़खानी की। यह भी बताया कि दूसरे अफसरों के साथ सोने से मना करने पर पति ने घर से बाहर निकाल दिया।
सुमेधा के मुताबिक नेवी के सिपाही के लेकर अफसर तक वाइफ-स्वैपिंग के बारे में जानते हैं लेकिन नौकरी जाने के डर से चुप रहते हैं। अपने ऊपर लगाए जा रहे मानसिक रूप से बीमार होने के आरोपों की बाबत वह कहती हैं कि एक मैरिज कांउसलर उनके मेंटल फिटनेस के बारे में प्रमाणपत्र कैसे दे सकता है?
नेवी की ओर से आरोपों को नकारने के सवाल पर वह कहती हैं कि उन्हें सच्चाई मालूम है इसलिए कोई क्या कहता है इससे फर्क नहीं पड़ता। फिलहाल वह अपने वकील और पुलिस के जरिए मामले को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।
सुमेधा की मानें तो उन्हें मामले को रफा दफा करने के वास्ते दो करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
आरोपों के खंडन में नेवी के तर्क
नेवी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नेवी अफसर की पत्नी ने सीनियर अधिकारियों और उनकी पत्नियों पर झूठे आरोप लगाए हैं। बयान के मुताबिक आरोप लगाने वाली महिला और उसके नेवी अफसर पति में अनबन थी।
दोनों के दांपत्य जीवन में आई खटास को दूर करने के मकसद से कई अफसर अपनी-अपनी बीवियों के साथ उनसे मिले। मकसद यह था कि प्रभावकारी नवल कम्यूनिटि बांड के जरिए दोनों के रिश्तों को सामान्य किया जा सके।
लेकिन पति से नाखुश महिला ने उलटे मिलने वाले अफसरों और उनकी बीवियों पर ही गंभीर आरोप लगा दिया। नेवी वाइफ वेलफेयर एसोसिएशन के तहत दंपति को मैरिज काउंसलर के पास परामर्श लेने के लिए भी भेजा गया था।