फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटरनेट पर महिलाओं को परेशान करने वाले सावधान

विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी सिफारिश रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। रिपोर्ट में ऐसे मामलों को गैर जमानती और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन


वहीं दोषी को न्यूनतम एक वर्ष और अधिकतम सात साल या अपराध की गंभीरता के आधार पर इसे बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों के लिए विशेष पहचान संख्या (यूनिवर्सल आइडेंटिटी नंबर) देने की भी ने आयोग सिफारिश की है।

आयोग ने कहा है कि मौजूदा आईटी एक्ट और आईपीसी में बदलाव की जरूरत है। पुलिसकर्मियों को नई तकनीकों और कानून के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी होनी चाहिए। सभी पुलिस स्टेशनों में अनिवार्य रूप से एक साइबर क्राइम सेल और प्रत्येक जिला पुलिस मुख्यालय में साइबर फॉरेंसिक लैब तैयार करने की जरूरत है।
विज्ञापन


महिला कोर्ट में महिलाओं से जुड़े साइबर अपराध के मामलों की सुनवाई होनी चाहिए। भारत में बढ़ रहे साइबर अपराधों को हतोत्साहित करने के लिए आयोग सभी पक्षकारों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी करने के भी पक्ष में है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल एप्लीकेशन तैयार करने की सिफारिश की गई है।
Trending Videos
विज्ञापन

साल दर साल बढ़ रही हैं श‌िकायतें

मालूम हो कि महिला आयोग में साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतें साल दर साल बढ़ती जा रही है। इनमें अश्लील संदेश भेजने, फेसबुक एकाउंट हैक करने, पोर्न वीडियो और तस्वीरें अपलोड करने जैसे मामले हैं।

महिला आयोग के मुताबिक देश में आसानी से इंटरनेट सुविधा मिलने के कारण इस क्षेत्र में अपराध बढ़ रहा है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के बीच जागरूकता का अभाव, कानून और अधिकार के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होने से भी समस्या गंभीर हो रही है।

वर्तमान में देश के सभी शहरों और जिले में साइबर क्राइम पुलिस की व्यवस्था का अभाव भी बड़ा कारण है।

इसलिए विद्यालयों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।  महिला आयोग ने यह रिपोर्ट सूचना व प्रौद्योगिकी विभाग,शिक्षाविद्,राज्य महिला आयोग की सदस्यों, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया क्षेत्र के प्रतिनिधियों,न्यायाधीशों, वकीलों, पुलिस और इस क्षेत्र के जानकारों से सलाह के आधार पर तैयार की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें