देश के महामहिम बनने की डगर पर अग्रसर प्रणब मुखर्जी की राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की यात्रा की पहली औपचारिक शुरुआत आज उनके नामांकन भरने के साथ ही हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी समेत संप्रग के घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना पर्चा भरा। वहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा ने भी आज अपना नामांकन भरा।
नामांकन कराने के बाद प्रणब मुखर्जी ने एक बार फिर सभी दलों से समर्थन देने की अपील की। इस दौरान मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान समेत कई नेताओं की मौजूदगी ने यूपीए की बढ़ती ताकत का अंदाज कराया।
दोपहर दो बजे के बाद भाजपा समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा के नामांकन पत्र दाखिल करते समय वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली से लेकर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह उपस्थित रहे। संगमा के समर्थन में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, सुब्रह्मण्यम स्वामी के अलावा अन्नाद्रमुक और एजीपी के प्रतिनिधि मौजूद थे।
संगमा के नामांकन के लिए भाजपा की ओर से दो सेट जमा करा गए। इनमें आडवाणी, सुषमा और जेटली के अलावा डॉ. मुरली मनोहर जोशी समेत लगभग सभी प्रमुख नेता व पार्टी के बड़ी संख्या में सांसदों व विधायकों ने बतौर प्रस्तावक व अनुमोदक हस्ताक्षर किए हैं।
सबसे पहले संगमा को अपना उम्मीदवार घोषित करने वाले बीजू जनता दल की ओर से भी नामांकन पत्र का एक सेट जमा करा गया। पटनायक समेत पार्टी के 100 से ज्यादा सांसदों व विधायकों ने इस सेट पर हस्ताक्षर किए हैं। अन्नाद्रमुक की ओर से थंबी दुरई समेत कई सांसद व विधायक संगमा के नामांकन के प्रस्तावक व अनुमोदकों में शामिल हैं।
संगमा का चुनाव प्रबंधन संभालने के लिए जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी और भाजपा नेता सुधीन्द्र कुलकर्णी पहले से सक्रिय हैं।