फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

5 डायलॉग, जिनसे मोदी नेपाल में हुए HIT

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल की संसद में पहले नेपाली फिर हिंदी में भाषण देकर पड़ोसी देश के लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहे। प्रधानमंत्री ने नेपाल को विकास का मंत्र देते हुए करीब 61 अरब रुपये की मदद देने का ऐलान किया।
विज्ञापन


अपनी पहली नेपाल यात्रा में उन्होंने पड़ोसी मुल्क को विकास का मंत्र भी दिया। मोदी के भाषण में कई ऐसी बातें थीं, जिस पर नेपाल संसद के सदस्य गदगद हो उठे और जमकर तालियां बजी। पढ़िए, मोदी के भाषण की ऐसी पांच अहम बातें-

नेपाल के लिए मोदी का HIT फॉर्मूला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को विकास के पथ पर लाने के लिए ‘एचआईटी’ का नया मंत्र भी दिया।

नेपाल को विकास के मॉडल का फॉर्मूला देते हुए मोदी ने कहा, ‘मैं नेपाल को हिट (एचआईटी) करना चाहता हूं। भारत नेपाल को एच यानी हाईवेज, आई यानी आईवेज (इंफारमेशन टेक्नोलाजी) और टी यानी ट्रांसवेज (ट्रांसमिशन लाइन) देना चाहता है, जिससे कि नेपाल का विकास हो।'

उन्होंने कहा कि ये तीनों मिलकर इस देश को तेजी से विकास के पथ पर ला सकते हैं। भारत जल्द से जल्द यह तोहफा नेपाल को देना चाहता है। मोदी ने विकास कार्यों के लिए नेपाल को सहूलियत पूर्ण ऋण (कन्सेशनल लाईन ऑफ क्रेडिट) देने की घोषणा भी की। मोदी ने कहा कि 61 अरब रुपए से नेपाल में पनबिजली और बुनियादी सुविधाओं के विकास में मदद मिलेगी।

पानी और जवानी पहाड़ के काम नहीं आती

अपने भाषण में मोदी ने कहा, ‘पानी और जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आती। पानी पहाड़ से नीचे चला जाता है और जवानी में लोग रोजी रोटी की तलाश में कहीं और चले जाते हैं। लेकिन अब इस सोच को बदलना होगा और कुछ ऐसा करना होगा जिससे कि पानी और जवानी दोनों ही पहाड़ के काम आएं।’

मोदी के कहने का आशय था कि पानी से बिजली बनाई जाए और लोगों को रोजगार के अवसर मिले।

शस्त्र नहीं अब शास्त्र

नरेंद्र मोदी ने नेपाल में माओवादियों को हिंसा छोड़कर लोकतांत्रिक रास्ता चुनने के लिए बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने शस्त्र छोड़कर शास्त्र अपनाकर दुनिया भर में शांति की नई मिसाल कायम की है।

मोदी ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच दूरी कम होनी चाहिए।

उन्होंने आश्चर्य जताया कि 17 साल बाद भारत का प्रधानमंत्री नेपाल आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब दोनों मुल्कों के बीच की यह दूरी कम होगी। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही दक्षेस सम्मेलन में भाग लेने फिर आएंगे। उस समय वह जनकपुर और लुंबिनी भी जाएंगे।

कम खर्च पर बात हो

मोदी ने नेपाली संसद में कहा कि अमेरिका टेलीफोन करना सस्ता है लेकिन नेपाल में किसी को फोन करना महंगा है। ऐसे में हमलोग केवल नमस्ते कहकर फोन रख देते हैं।

उन्होंने कहा कि अब भारत और नेपाल के बीच दूरसंचार की दूरी ठीक होनी चाहिए। इसके लिए दोनों पक्षों को सेवा प्रदाता कंपनियों से बातचीत करनी होगी।
विज्ञापन

नेपाल चैन से नहीं सोएगा तो भारत को भी नींद नहीं आएगी

मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच इतने गहरे और नजदीकी रिश्ते हैं कि नेपाल परेशान रहेगा तो भारत चैन की नींद नहीं सो सकता है। दोनों देशों के बीच के रिश्ते कितने करीबी हैं इसका अनुमान शनिवार को कोसी नदी पर भूस्खलन के कारण बनी झील से उत्पन्न स्थिति से लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस झील की वजह से जो चिंता नेपाल की रही वहीं चिंता भारत की भी थी। उन्होंने कहा कि अगर यहां सूरज तप जाए तो गरमी भारत में भी लगती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें