भारतीय जनता पार्टी नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम बापू के समर्थन से पीछे हट सकती है।
पार्टी नेताओं की तरफ से लगातार आसाराम बापू के समर्थन में आ रहे बयान के बाद अब पार्टी को जनता में अपनी छवि की चिंता सताने लगी है।
जब से आसाराम बापू पर उनके जोधपुर आश्रम में एक 16 साल की लड़की से रेप का आरोप लगा है भाजपा के नेता लगातार आसाराम के समर्थन में बोल रहे हैं।
इससे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी खुश नहीं है। इस मामले पर भाजपा प्रचार समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात भी की है।
मोदी ने राजनाथ सिंह से यह सुनिश्चित कराने को कहा है कि पार्टी का कोई भी नेता या प्रवक्ता आसाराम का बचाव करते हुए न दिखे।
उनका कहना है कि पार्टी के सभी सदस्य मामले पर इससे ज्यादा न कहें कि जांच चल रही है और कानून अपना काम करेगा। किसी को बचाव करने की जरूरत नहीं है।
मुंबई गैंगरेप मामले में आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग और आसाराम के बचाव पर कांग्रेस और जदयू ने भाजपा की पहले ही आलोचना की है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बुधवार को ट्वीट भी किया कि भाजपा दोहरा रवैया अपना रही है। अन्य के खिलाफ फांसी और ढोंगी साधु के लिए माफी मांग रही है।
इससे पहले भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती आसाराम को निर्दोष बता चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आसाराम को सोनिया गांधी व राहुल गांधी के विरोध की सजा मिली है।
विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने आसाराम को संत आदमी करार देते हुए उन पर लगे आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि बापू का जीवन सात्विक संत का जीवन है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने आसाराम की बात पर विश्वास न किए जाने को गलत बताया था।