सहयोगी दल जदयू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त ऐतराज के बावजूद भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को आगे करने जा रही है।
बस यह तय होना बाकी है कि मोदी किस भूमिका में चुनाव की कमान संभालेंगे।
मोदी के समर्थन में देशभर के पार्टी कैडर से आ रही आवाज को पार्टी नेतृत्व ज्यादा दिन तक नजरअंदाज करने का जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव इसका सबूत है कि सिर्फ उत्तर ही नहीं बल्कि दक्षिण के राज्यों में भी मोदी की मांग बढ़ रही है।
मोदी की कर्नाटक में स्टार प्रचारक के तौर पर मांग इस कदर तेज हुई कि उन्हें दोबारा प्रचार के लिए जाना पड़ा।
राजस्थान में भी पार्टी की मुख्यमंत्री की उम्मीदवार वसुंधरा राजे की रथयात्रा के शुभारंभ के मौके पर भी मोदी के समर्थन के सुर गूंजे थे।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी मिशन 2014 के लिए मोदी की बड़ी भूमिका से इंकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला से कहा कि जो लोकप्रिय होता है, उसकी प्रभावी व बड़ी भूमिका तो रहती ही है।
हालांकि उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर पार्टी संसदीय बोर्ड ही फैसला करेगा। खास बात यह है कि मोदी को खुद राजनाथ भी आगे बढ़ाने में लगे हैं।
पार्टी के संसदीय बोर्ड में वापसी के बाद अब मोदी को देशभर में घुमाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। जदयू के सख्त ऐतराज के बावजूद अब इस मुहिम को और तेज करने की योजना है।
भाजपा मानने लगी है कि पार्टी में अकेले मोदी है जिन्हें पार्टी कैडर के अलावा देश का युवा वर्ग भी पीएम बनते देखना चाहता है।
इसलिए भाजपा उन्हें भले ही पीएम पद का उम्मीदवार घोषित न करे लेकिन तय है कि नीतीश की भी ज्यादा नहीं सुनेगी। भाजपा का मानना है कि मोदी के नाम पर ही कार्यकर्ता चुनावी वैतरणी पार लगाने के लिए मैदान में उतरेगा।