लोकसभा चुनाव में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का मिशन 272 अगर कामयाब हुआ तो इसके पीछे होगी एक महात्मा की दी हुई कलम। देश में सत्ता परिवर्तन के लिए मोदी इन दिनों इसी कलम की मदद ले रहे हैं।
इस राज का खुलासा गुरुवार की दोपहर उन्होंने खुद महामना पं. मदनमोहन मालवीय के पौत्र जस्टिस गिरधर मालवीय से नामांकनपत्र पर हस्ताक्षर करते वक्त किया।
रिटर्निंग अफसर के सामने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करते समय मोदी ने जब अपनी जेब टटोलनी शुरू की तो उन्होंने अपने प्रस्तावक के रूप में साथ खड़े महामना के पौत्र से अपनी कलम के बारे में चौंकाने वाला राज खोला।
मोदी ने बताई कलम की खूबियां
पर्चे पर दस्तखत करने के बाद मोदी ने जस्टिस मालवीय को उस कलम की जो खूबियां बताईं, उसे जानने के बाद उनके आध्यात्मिक रुझान का भी पता चलता है।
जस्टिस मालवीय के मुताबिक मोदी ने बताया कि वह कलम उन्हें एक महात्मा ने आशीर्वाद के रूप में यह कहते हुए दी है कि किसी भी अहम काम को करने के लिए इसी का इस्तेमाल करना। बाधाएं खुद दूर हो जाएंगी।
इसीलिए मोदी अपने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के नारे को कामयाब करने के लिए महात्मा की दी हुई कलम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
काशीवासियों के उत्साह से मोदी चकित
पहले बीएचयू के सिंह द्वार पर शाही अंदाज में स्वागत और पुष्पवर्षा के बाद महामना की प्रतिमा पर जब मोदी ने माल्यार्पण किया तो भी महामना के पौत्र से काशीवासियों के उत्साह के बारे में पूछा।
जस्टिस मालवीय ने बताया कि मोदी सिंहद्वार पर लहराते झंडों और कटआउट को देख गदगद थे। वह काशीवासियों के प्रेम और उत्साह का बखान करते नहीं थके। सफेद कुर्ता-पायजामा में बेहद विनम्र और सादगी भरे भाव में मोदी ने कहीं सिर झुकाकर उत्साह से समर्थकों का अभिनंदन किया तो कहीं बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लेने से भी नहीं चूके।
नामांकनपत्र भरने के बाद जस्टिस मालवीय का पैर छूकर उन्होंने बड़ों के सम्मान की अपनी संस्कृति का भी संदेश दिया।