भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी प्रतिबंधित संगठन सिमी के निशाने पर थे।
सिमी ने कानपुर, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर रैली के दौरान मोदी पर हमले की साजिश रची थी। यह दावा छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया है।
पुलिस का कहना है कि इसका खुलासा सिमी के गिरफ्तार किए गए सदस्य उमर सिद्दीकी से पूछताछ में हुआ है। साथ ही सिद्दीकी ही इस साल 7 जुलाई को बिहार के बोधगया में हुए बम धमाकों का मास्टरमाइंड था।
प्रदेश के डीजीपी रामनिवास के अनुसार, सिद्दीकी ने पटना बम धमाकों के दोषियों को रायपुर में शरण देने की भी बात स्वीकार की है।
पटना धमाकों के मुख्य आरोपी अब्दुल्ला और सिद्दीकी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की साजिश रची थी। दोनों कानपुर, दिल्ली और अंबिकापुर में होनी वाली मोदी की रैलियों के दौरान अपनी साजिश को अंजाम देना चाहते थे।
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इसके लिए इन्होंने रैली स्थलों के स्केच भी तैयार किए थे लेकिन भारी सुरक्षा व्यवस्था के चलते अपनी साजिश को अमलीजामा नहीं पहना सके।
पुलिस के अनुसार, ये लोग स्टेज के नजदीक बम रखने वाले थे और बम न फटने की स्थिति में भीड़ के बीच बम विस्फोट करने की साजिश थी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मारे जा सकें।
डीजीपी ने बताया कि पिछले हफ्ते गिरफ्तार किए गए सिद्दीकी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने ही बोधगया बम धमाकों की साजिश रची थी।
उसके निर्देश पर ही मंदिर परिसर में विस्फोटक रखे गए थे। 35 वर्षीय सिद्दीकी रायपुर में कोचिंग क्लास चलाता था। उसे आठ अन्य लोगों के साथ पटना में मोदी की रैली के दौरान हुए सीरियल बम धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
इन सभी को प्रतिबंधित संगठन सिमी का सदस्य बताया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि सिद्दीकी ने पुलिस को बोधगया धमाकों की साजिश के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।