गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार पर हमला बोलते हुए शनिवार को कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि पूरी सरकार और उसके सभी मंत्री ‘जमाई राजा’ के बचाव में उतर आए हैं। ऐसा लगता है जैसे उन्हें इस काम के लिए नियुक्त कर दिया गया है।
साथ ही मोदी ने सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लिए बगैर कहा कि यूपीए की सरकार एक परिवार के दामाद के बचाव में तो उतरती है, लेकिन आतंकवाद पीड़ितों के साथ खड़े होने में संवेदनशीलता नहीं दिखाती।
जामनगर में शनिवार को एक रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक परिवार के दामाद पर कुछ आरोप लगे हैं और पूरी मनमोहन सरकार उसके बचाव में उतर आई है। यह उनका निजी मामला हो सकता है और समय के साथ सच्चाई सामने आ जाएगी। आरोप लगने के बाद मनमोहन सिंह सरकार ऐसे भयभीत हो गई जैसे कोई बड़ा तूफान आया हो। उन्हें देखकर ऐसा लगता था जैसे कोई बड़ा घोटाला हो गया है और सरकार बचाव में उतर आई है।
साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकी हमले में लोगों के मारे जाने की स्थिति में केंद्र सरकार इस तरह से आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं करती। उनकी पार्टी का एक प्रवक्ता बयान दे देता है और मामला खत्म हो जाता है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में भी पूरी सरकार को इस तरह से सक्रिय होते नहीं देखा गया है।