गुजरात की महेसाणा जिला पुलिस ने जशोदाबेन की आरटीआई का जवाब देने से इनकार कर दिया है।
पुलिस उप-अधीक्षक और सूचना अधिकारी भक्ति ठक्कर ने बताया कि उन्होंने जो भी सूचनाएं मांगी हैं वो स्थानीय खुफिया ब्यूरो के अंतर्गत आती हैं जो कि आरटीआई के दायरे में नहीं आतीं हैं इसलिए यह सूचना नहीं दी जा सकती हैं।
जशोदाबेन ने अपनी आरटीआई में पूछा था कि उन्हें भारतीय संविधान के मुताबिक उन प्रावधानों के बारे में बताया जाए जिसके तहत देश के प्रधानमंत्री की पत्नी को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।
उन्होंने प्रोटोकाल का विस्तृत ब्योरा मांगते हुए यह भी पूछा था कि वो किन अन्य सेवाओं को पाने की हकदार हैं।
उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जाहिर की थी कि वो प्रधानमंत्री की पत्नी होकर भी सार्वजनिक परिवहन में सफर करती हैं जबकि उनकी सुरक्षा में लगे गार्ड सरकारी वाहनों में घूमते हैं।
जशोदाबेन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी उनके सुरक्षा गार्डों ने ही मारा था इसलिए उन्हें अपने सुरक्षा गार्डों से खतरा महसूस होता है।
महेसाणा जिला पुलिस के 10 जवान हमेशा जशोदाबेन की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।