सरदार पटेल को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर पर्यावरण का अड़ंगा लग सकता है।
दरअसल, इस योजना के लिए मोदी ने पर्यावरण मंत्रालय से जरूरी अनुमति नहीं ली है। नियम के उल्लंघन के लिए मंत्रालय एक जांच टीम गुजरात भेज सकती है।
गुजरात में नर्मदा नदी में 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे उंची आदमकद प्रतिमा(182 मीटर) स्थापित करने की योजना को लेकर मोदी काफी उत्साहित हैं।
प्रतिमा न्यूयॉर्क स्थित स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी (46 मीटर उंची) से चार गुना ऊंची होगी। मोदी ने जून में जोर-शोर से इस योजना की घोषणा की थी।
प्रतिमा बनाने के लिए मोदी ने देशभर के किसानों और लोगों से लोहा दान देने की अपील की थी। लेकिन अब इस योजना पर अड़ंगा लगता दिख रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सेक्रेटरी वी राजागोपालन ने बताया कि सरदार सरोवर बांध के पास बन रही प्रतिमा गैरकानूनी है। बिना मंत्रालय की अनुमति के यह निर्माण पर्यावरण सुरक्षा एक्ट 1986 का खुला उल्लंघन है।
एक वरिष्ठ पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार मंत्रालय जल्दी इसकी जांच के लिए एक टीम गुजरात भेजेगी या प्रदेश सरकार को नोटिस भेजेगी।