देश का अगला पीएम बनने का ख्वाब सजा रहे नरेंद्र मोदी चुनावी रैलियों में आक्रामक रुख अख्तियार करते हैं। रैली कहां हैं, इस बात का खास ध्यान रखा जाता है। अपने और अपने गुजरात के तार उस इलाके से कैसे जोड़ने है, इस पर भी फोकस रहता है।
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और हालिया दिनों में देखने को मिला कि वह कविताओं के जरिए भी मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। चायवाला, पिछड़ा वर्ग से आना और गरीब परिवार में बढ़ा होना, कुछ ऐसी खास चीजें हैं जिनसे मोदी कनेक्ट करने की ख्वाहिश रखते हैं।
लेकिन अब कुछ ऐसा हुआ है, जिससे जनता से जुड़ने की इन कोशिशों पर सवालिया निशान लगना चाहिए। मोदी ने फेसबुक पर आम जनता से सीधी बातचीत करने से जुड़े कार्यक्रम से अपना नाम वापस ले लिया है। जाहिर है, सवाल खड़ा होना लाजिमी है कि ऐसा उन्होंने क्यों किया? क्या वो आम पब्लिक के सवालों से डर गए हैं।
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कार्यक्रम में हिस्सा लेने से मना किया
नरेंद्र मोदी की टीम सोशल मीडिया का जमकर दोहन करती है, लेकिन जब बात फेसबुक पर ओपन इंटरव्यू की आई, तो उन्होंने नए मीडिया की पहुंच से बातचीत करने वाले कार्यक्रम से कन्नी काटनी बेहतर समझी।
सोशल नेटवर्किंग साइट पर होने वाले इस कार्यक्रम के तहत उन्हें आम जनता के सीधे सवालों का सामना करना था। प्रोग्राम रद्द करने के कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मोदी अपना नाम दूसरे नेताओं के साथ नहीं जुड़वाना चाहते। इस सीरीज में मोदी के अलावा दूसरे नेताओं के नाम भी हैं।
एक बयान में अब फेसबुक ने कहा है, "हम निराशा के साथ यह बताना चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी ने फेसबुक टॉक्स लाइव के कैंडिडेट्स 2014 में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। हम फेसबुक कम्युनिटी और सवाल पूछने वालों से माफी मांगते हैं।"
केजरीवाल के साथ होगी शुरुआत
यह सीरीज अब 4 मार्च, मंगलवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ शुरू होगी। फेसबुक ने इस कार्यक्रम के लिए मीडिया वेबसाइट न्यूजलॉन्ड्री के साथ करार किया है।
न्यूजलॉन्ड्री की मधु त्रेहन ने कहा, "यह टाउन-हॉल फॉर्मेट है, जिसमें लोग उन नेताओं से सवाल करते हैं, जो अगली सरकार बनने में अहम किरदार अदा कर सकते हैं।"
इस कार्यक्रम की शुरुआत 3 मार्च को मोदी के इंटरव्यू के साथ होनी थी। योजना रद्द करने की वजह पूछने पर भाजपा के एक नेता ने कहा कि इसकी एक वजह दूसरे नेताओं के साथ मोदी को क्लब करना हो सकता है।
दूसरे नेताओं को बताया वजह
इस नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, "वो (मोदी) ऐसी सीरीज का हिस्सा क्यों बनेंगे, जिसमें केजरीवाल, ममता बनर्जी हो क्योंकि ये नेता उस लीग में आते ही नहीं।"
न्यूज वेबसाइट निति सेंट्रल पर साइट के चीफ डिजिटल ऑफिसर शशि शेखर ने लिखा है कि फेसबुक और न्यूजलॉन्ड्री को 'आत्मनिरीक्षण' करना चाहिए। उन्होंने दलील दी कि इसे पीएम पद के दावेदारों की सीरीज के रूप में सामने रखना गलती है, क्योंकि मोदी अकेले घोषित दावेदार हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी की तुलना में हाल में राजनीतिक शुरुआत करने वाले अरविंद केजरीवाल और जमानत पर रिहा दोषी लाल यादव जैसों से करना सही नहीं। शेखर के मुताबिक इसकी तीसरी वजह मीडिया पार्टनरशिप है। मोदी कैंप एनडीटीवी को खास पसंद नहीं करता, जो इस कार्यक्रम में साझेदार है।
यह पूछने पर कि क्या नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम के फॉर्मेट की जानकारी थी, त्रेहन ने एचटी से कहा, "सब कुछ कंफर्म था और एक महीने पहले इसके लिए 3 मार्च की तारीख तय की गई थी। निमंत्रण भेज दिए गए थे और शामिल होने वाले लोगों ने कंफर्मेशन भेज दी थी।"
उन्होंने कहा, "19 फरवरी से इसके प्रोमो चल रहे हैं और तभी से फेसबुक पेज तैयार है, जो सवाल मांग रहा है। हजारों सवाल आ चुके हैं।" उन्होंने कहा कि सिर्फ दो दिन पहले मोदी ने ऐसी शर्त रख दी है, जिसे हम पूरा नहीं कर सकते।
यह पूछने पर कि वह शर्त कौन सी है, त्रेहन ने कहा, "मोदी ने कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया है। ऐसे में वजह सामने रखने वाले सबसे सही व्यक्ति वही होंगे।"