भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपनी कोलकाता की जनचेतना रैली में एक साथ कई निशाने साधे। मोदी ने थर्ड फ्रंट से शुरू कर ममता बनर्जी, प्रणब मुखर्जी, वाम दलों पर अपने भाषण के दौरान जमकर हमला बोला।
नरेंद्र मोदी ने सेक्युलरिस्म और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दे पर कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए। मोदी ने बंगाल के हुए विकास कार्यों पर भी सवाल उठाया।
मोदी ने कहा कि अगर बंगाल की जनता भाजपा को एक बार मौका देगी तो साठ
साल के दौरान हुए गड्ढ़ों को भरने का काम करेगी। मोदी ने पहले ममता बनर्जी
पर हमला बोला तो बाद में आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए डोरे भी डाले।
प्रणब मुखर्जी के बहाने कांग्रेस पर निशाना
नरेंद्र मोदी ने बंगाल की धरती पर बंगाली भावुकता को भांपते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सहारे कांग्रेस पर जमकर जुबानी हमले बोले।
नरेंद्र मोदी ने सवाल पूछा कि वरिष्ठ होते हुए भी कांग्रेस ने प्रणब मुखर्जी को क्यों प्रधानमंत्री नहीं बनाया। मोदी ने पूछा कि जब सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री नहीं बनना था तो मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद के लिए क्यों चुना गया?
क्यों प्रणब मुखर्जी की वरिष्ठता को लगातार दो कार्यकाल के दौरान दरकिनार किनार गया। मोदी ने सवाल सिर्फ 2004 और 2009 नहीं बल्कि इंदिरा गांधी की मौत के बाद भी प्रणब मुखर्जी को दरकिनार किए जाने पर सवाल पूछे।
'कांग्रेस के कारनामों को समझाना होगा'
मोदी ने सवाल सिर्फ 2004 और 2009 नहीं बल्कि इंदिरा गांधी की मौत के बाद भी प्रणव मुखर्जी को दरकिनार किए जाने पर सवाल पूछे। मोदी ने बंगाल की जनता को चेताते हुए कहा कि हमें इन फैसलों से कांग्रेस के असली कारनामों को समझना होगा।
मोदी ने लगातार एक बाद एक हमले कर कांग्रेस की नियत और मंशा पर सवाल उठाए। कांग्रेस में वरिष्ठ होते हुए भी प्रणव मुखर्जी को दरकिनार लगाया जाना जगजाहिर है। मोदी का प्रणव के सहारे कांग्रेस पर हमला बोलना उनकी नई चुनाव रणनीति की ओर इशारा करता है।
ममता को सुनाया और रिझाया भी
बंगाल में रैली को देखते हुए ये अहम माना जा रहा था कि मोदी सहयोगी के तौर पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को किस तरह रिझाएंगे। लेकिन इसके उलट अपने भाषण की शुरूआत के बाद मोदी ममता बनर्जी पर सवाल उठाए।
मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता ने जिस परिवर्तन के नाम पर 35 साल बाद सत्ता परिवर्तन किया था वो बंगाल में नहीं दिखाई देता। मोदी ने रैली में मौजूद जनता से भी पूछा कि क्या सत्ता परिवर्तन के बाद बंगाल में विकास हुआ।
जिसका जवाब लोगों ने नहीं कहकर दिया। बिजली, कारखाने और विकास कार्यों पर भी मोदी ने ममता पर निशाना साधा। लगातार हमलों के बाद मोदी ने ममता को बाद में रिझाने की भी कोशिश की। मोदी ने पूरे भाषण में बीच का रास्ता अपनाया है।
मोदी ने कहा कि अगर लोकसभा चुनावों में बंगाल की जनता भाजपा को चुनती है तो उनको तीन फायदे होंगे।
तीन फायदे गिनाते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में विकास करने के लिए ममता हैं, केंद्र में विकास के लिए मैं मौजूद रहुंगा और आपके राज्य से प्रणब दा तो पहले से ही मौजूद हैं। इससे पहले ममता बनर्जी मोदी को लेकर अपना सख्त रूख जाहिर कर चुकी हैं।
थर्ड फ्रंट पर भी बरसे
मोदी ने अपने पूरे भाषण में सबसे ज्यादा थर्ड फ्रंट पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि चुनावों से पहले थर्ड फ्रंट कहीं दिखाई नहीं देता और चुनाव नजदीक आते ही थर्ड फ्रंट खड़ा होता है।
रैली में आई लोगों की भीड़ को देखते हुए मोदी ने थर्ड फ्रंट को चुनौती देते हुए कहा कि वो आएं और यहां आकर देखें। मोदी ने कहा कि थर्ड फ्रंट की जहां जहां सरकार बनी, उन राज्यों की स्थिति आज थर्ड ग्रेड की है, जबकि देश के पश्चिमी राज्यों में जहां यह फ्रंट नहीं पहुंचा, वे खुशहाल और आबाद हैं।
मोदी ने विकास के मुद्दे पर थर्ड फ्रंट को घेरते हुए कहा कि जहां जहां ये थर्ड फ्रंट मौजूद है वहां वहां विकास नहीं हुआ है। चुनाव नजदीक आते ही थर्ड फ्रंट की हो रही घेराबंदी को देखते हुए सबकी नजर इस फ्रंट को लेकर मोदी की रणनीति पर थीं। मोदी थर्ड फ्रंट की बढ़ती ताकत पर क्या कहेंगे?
मजदूरों की बात करने वालों ने क्या किया?
मोदी की रैली में सारे विपक्षी दल उनके निशाने पर थे। मोदी ने वामदलों पर हमला बोलते हुए लोगों से पूछा कि जो लोग मजदूरों की बात करते थे उन्होंने क्या किया बंगाल में? क्या मजदूरों के बच्चों का भविष्य बदला है?
मोदी ने कहा कि वामदलों के 35 सालों के दौरान बंगाल में विकास नहीं हुआ। मोदी ने कहा कि बंगाल में कारखाने बंद पड़े हैं, विकास कार्य के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
बंगाल में विकास कार्य के नाम पर 60 सालों में सिर्फ बंगाल में गड्ढे हुए हैं। अगर बंगाल की जनता भाजपा को चुनती है तो वह सबसे पहले इन गड्ढों को भरेंगे।
हज यात्रा पर केंद्र और ममता को घेरा
हज यात्रा कोटे को लेकर नरेंद्र मोदी ने अपनी रैली में केंद्र और राज्य सरकार पर मुस्लिमों के साथ हो रहे भेदभाव के आरोप लगाए। मोदी ने गुजरात के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस की सेक्युलरिस्म की नीति पर भी सवाल उठाए।
मोदी ने बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भी बोलते हुए कहा कि सिर्फ बंगाल ही नहीं पूरा देश इससे परेशान हैं। मोदी ने देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का बताया। मोदी ने कहा कि हमारे गरीब भारतीयों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसलिए संसाधनों पर पहला हक उनका है।
धर्म निरपेक्षता पर उन्होंने कहा, ‘ये लोग मुसलमानों को गुमराह कर धर्म निरपेक्षता के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करते हैं। इन लोगों ने कभी भी मुसलमानों तक विकास पहुंचाने की कोशिश नहीं की। उनकी नजर में वे सिर्फ वोटर हैं।
गुजरात में अल्पसंख्यकों की प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है।’ मोदी ने कहा कि सरकार के पास सिर्फ एक ही धार्मिक किताब होनी चाहिए, वह है संविधान और उसे सिर्फ राष्ट्रीयता में विश्वास रखना चाहिए।
भाजपा को वोट देने के तीन फायदे गिनाए
मोदी ने ममता बनर्जी की इशारों-इशारों में तारीफ करते हुए कहा कि अगर आप केंद्र में भाजपा को वोट देंगे तो आपको तीन फायदे होंगे। राज्य में ममता बनर्जी हैं, केंद्र में मैं मौजूद रहूंगा और राष्ट्रपति प्रणब दा हैं ही।
मोदी ने बंगाल की जनता से कहा कि आप तृणमूल कांग्रेस से काम का हिसाब मांगे और केंद्र में मुझे वोट देकर मुझसे काम का हिसाब मांगना। मोदी ने कहा कि नेताजी बोस की तरह वह भी बंगाल में एक नारा देते हैं कि 'तुम मुझे साथ दो मैं तुम्हें स्वराज दूंगा।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि नेताओं को 2014 के चुनावों में जनता के रुख का पता चल जाएगा।