भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि राम मंदिर कभी भाजपा का मुद्दा नहीं रहा है। कांग्रेस और उस जैसी ही कुछ पार्टियां हमें कमजोर करने के लिए सांप्रदायिकता का लेबल लगाती रही हैं।
उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा है कि वे अभी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला एनडीए बाद में करेगा।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि अमित शाह का राम मंदिर मुद्दे पर दिया बयान कोई मायने नहीं रखता है। अमित शाह किसी भी तरह पार्टी के कोई अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं।
श्री हरिमंदिर साहिब में मीडिया के सवालों के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ही देश की सबसे बड़ी सांप्रदायिक पार्टी है। राम मंदिर कभी भाजपा का मुद्दा नहीं रहा। हमने हमेशा देश के विकास, सुरक्षा और मजबूत अर्थ व्यवस्था के मसले उठाए हैं और अगला लोकसभा चुनाव भी पार्टी इन्हीं मुद्दों पर लड़ेगी।
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कार्यकारिणी की बैठक में राजनाथ सिंह ने पार्टी वर्करों से दो महीने के भीतर प्रदेश के सभी गांवों में बूथ स्तर तक कमेटियां बनाने को कहा।
जो नेता पार्टी में काम नहीं कर सकते उन्हें सम्मान के साथ हार डाल कर उनके घर भेज दिया जाए। काम न करने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।
पार्टी के नेताओं की ओर से राजनाथ सिंह को श्री हरिमंदिर साहिब का माडल, तलवार और शाल देकर सम्मानित किया।
सांसद नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब की कार्यकारिणी की बैठक व अन्य कार्यक्रमों में काफी समय से गैर हाजिर रहने के संबंध में पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि हो सकता है कि वह अपनी निजी कार्यक्रमों के कारण शामिल नहीं हो सके होंगे।
सिद्धू पार्टी के स्टार नेता हैं और अमृतसर से वही अगला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्हें पार्टी किसी भी कीमत पर नजरंदाज नहीं कर सकती। रविवार को कार्यकारिणी की बैठक में सिद्धू नहीं पहुंचे मगर उनकी पत्नी और सीपीएस नवजोत कौर सिद्धू मौजूद रहीं।