भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपने ‘आक्रामक’ चुनाव प्रचार पर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि सरकार में बैठे मंत्री आनंद शर्मा इसकी जांच तुरंत प्रवर्तन निदेशालय से करा लें।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो शर्मा को चुनाव आयोग को लिखना चाहिए। अगर आयोग इसकी अनुमति नहीं देता हो तो वे खुद इसके लिए आयोग को लिखने को तैयार हैं।
एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में मोदी ने तमाम सवालों का बेबाकी से जवाब दिया।
खुशी है कि राहुल मेरे भाषण सुनते हैं: मोदी
गांधी-नेहरू परिवार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि राहुल गांधी उनके भाषणों को ध्यान से सुनते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर राहुल देश में 150 करोड़ चौकीदार बनाना चाहते हैं तो क्या उसमें आदर्श घोटाले के दोषियों और राजस्थान में किसानों की जमीन हड़पने वालों को भी शामिल किया जाएगा। अगर ऐसा होगा तो क्या यह दूध की रखवाली बिल्ली को देने जैसी बात नहीं होगी।
मोदी ने कहा कि भाजपा पर उनके ‘एकाधिकार’ की बात कहना सही नहीं है, क्योंकि यह एक बड़ा संगठन है और इसमें कई अन्य काबिल नेता भी हैं।
उन्होंने कहा कि पहले पार्टी ने अटल के मार्गदर्शन में काम किया, फिर आडवाणी के। दिल्ली में पार्टी हर्षवर्द्धन, मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान में वसुंधरा राजे के मातहत काम करती है।
'टोपी पहन कर लोगों को धोखा देना नहीं चाहता'
मोदी ने नमाजी टोपी नहीं पहनने के मसले पर कहा कि उन्होंने कभी गांधी, नेहरू या सरदार पटेल को ऐसी टोपी पहनते नहीं देखा। भारतीय राजनीति का स्तर गिरा है, इसमें तुष्टिकरण के लिए कुछ भी किया जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि वह हर धर्म का सम्मान करते हैं। वह टोपी पहन कर लोगों को धोखा देना नहीं चाहते लेकिन वह ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई में विश्वास रखते हैं जो दूसरों की टोपियों का सम्मान नहीं करते।
मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि मुस्लिम समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले ताकि उनके एक हाथ में कुरान हो और दूसरे में कंप्यूटर।