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दिल्ली भाजपा दफ्तर में 'मोदी पीएम' के नारे लगे

Thu, 27 Dec 2012 09:11 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की यूपीए सरकार को आड़े हाथ लिया है। मोदी ने कहा कि युवाओं को विकास से जोड़ने के लिए केंद्र के पास कोई योजना नहीं है।
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उन्होंने कहा कि देश में जो भी कुछ अच्छा हो रहा है कुछ राज्यों की वजह से हो रहा है। देश के टॉप 5 राज्यों में कांग्रेस का एक भी राज्य नहीं है। कांग्रेस राज्यों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि देश के लिए पीएम के पास सोच नहीं है। उनके बयान से देश निराश है।

भाजपा मुख्यालय में जोरदार स्वागत
भाजपा मुख्यालय में मोदी का भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के दौरान 'मोदी पीएम' के नारे भी लगे। मोदी का स्वागत करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने विकास का नया मॉडल पेश किया है। स्वागत से भावुक हुए मोदी ने यहां बिताए 11 वर्षो को याद किया तथा कहा कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनका इतना भव्य स्वागत किया जाएगा।
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मोदी ने कहा कि मेरी जीत का कारण संगठन और गुजरात का सुशासन है। मोदी ने बताया कि देश का नेतृत्व बेहद कमजोर है। सरकार महज देश की 0.3 फीसदी विकास दर पर चर्चा कर रही है। विकास दर का लक्ष्य बेहद कम है और इससे आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं गुजरात में विकास की रफ्तार सही है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों को निमंत्रण देता हूं कि वह एक सप्ताह के लिए गुजरात आए और देखें गुजरात ने किस मॉडल पर तरक्की की है।

यूपीए की नीति लकवाग्रसत: मोदी
इससे पहले विज्ञान भवन में एनडीसी की बैठक को संबोधित करने के बाद मोदी ने संवाददाताओं से कहा कि नेतृत्वहीनता, वैचारिक दरिद्रता और लकवाग्रस्त नीतियां देश को रसातल की ओर ले जा रही हैं। मैंने इस पर चिंता जाहिर की है।

पीएम के बयान से देश में निराशा
मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से एनडीसी की बैठक से वॉक आउट करने को जायज करार दिया। उन्होंने सरकार पर जयललिता को अपमानित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से देश में निराशा है। हालांकि मोदी ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका के बारे में पूछे गए सवालों को टाल दिया।

कहां से हासिल करेंगे विकास का लक्ष्य?
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक मंदी के कारण जीडीपी के कम रहने का बहाना बना सकती है, लेकिन राज्य ऐसा नहीं कर सकते। सरकार के पास आर्थिक विकास का खाका होना चाहिए। मोदी ने कहा कि नकारात्मक दिशा में जा रही चीजों को सकारात्मक राह पर लाना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि 12वीं योजना के पहले साल का तीन-चौथाई समय बीत चुका है, तो फिर आप विकास लक्ष्य कहां से हासिल करेंगे।

'12वीं योजना में औसत विकास दर 8 फीसदी'
मालूम हो कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था में शिथिलता के रुख में बदलाव लाने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि योजना आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में औसत वार्षिक विकास लक्ष्य के अनुमान को 8.2 प्रतिशत से कम कर आठ प्रतिशत कर दिया है।

योजना आयोग ने 12वीं योजना के विकास अनुमान में दूसरी बार कमी की है। पिछले वर्ष अक्टूबर में एनडीसी की ओर से अनुमोदित दृष्टि पत्र के अनुमान को घटाया जा रहा है। बारहवीं योजना में पहले आर्थिक विकास के औसतन नौ प्रतिशत रहने की बात कही गई थी।
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