फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी ने दक्षिण कोरिया से किए ये 7 समझौते

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को एक कदम और आगे ले जाने का फैसला किया है। दोनों देश अपने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक भागीदारी’ के स्तर पर ले जाने को सहमत हुए हैं।
विज्ञापन


भारत और दक्षिण कोरिया के बीच दोहरे कराधान से बचाव समेत सात समझौतों पर दस्तखत किए गए। आपसी रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। वहीं, दक्षिण कोरिया ने स्मार्ट सिटी, रेलवे, बिजली समेत बुनियादी क्षेत्रों के विकास के लिए भारत को दस अरब डॉलर की सौगात भी दी।

तीन देशों की यात्रा के अपने आखिरी पड़ाव दक्षिण कोरिया पहुंचे पीएम मोदी ने यहां की राष्ट्रपति पार्क ग्यून हाई के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं की बातचीत के बाद आयोजित साझा प्रेस कांफ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि हम द्विपक्षीय रिश्तों को और बेहतर बनाते हुए इसे विशेष रणनीतिक भागीदारी के स्तर पर ले जाने को सहमत हुए हैं। हमने रिश्तों की ऐसी बुनियाद रखी है जो साझा मूल्यों वाले दो प्रमुख एशियाई देशों के बीच होनी चाहिए।
विज्ञापन


पीएम ने कहा कि हमारे रिश्तों की शुरुआत मजबूत आर्थिक संबंधों के साथ हुई थी, जिसे अब बढ़ाकर रणनीतिक स्तर पर भी ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जापान के बाद दक्षिण कोरियाई गणराज्य दूसरा देश है, जिसके साथ भारत की कूटनीतिक और सुरक्षा वार्ताएं होंगी।

संशोधित दोहरे कराधान पर रजामंदी

पीएम ने कहा कि भारत अपने आर्थिक विकास में दक्षिण कोरिया को अहम सहयोगी मानता है। भारत में वैश्विक स्तर के विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने में दक्षिण कोरिया अहम भूमिका निभा सकता है। पीएम ने कहा कि दोनों देश रक्षा तकनीक और भारत में रक्षा उपकरणों के  निर्माण में गहरे सहयोग पर भी राजी हुए हैं।

पीएम ने कोरियाई निवेशकों को जहाजरानी और एलएनजी टैंकरों को बनाने जैसे क्षेत्रों में निवेश करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश समुद्री सुरक्षा पर भी एक जैसा ही नजरिया रखते हैं। द्विपक्षीय व्यापार अभी दक्षिण कोरिया के पक्ष में है। व्यापार घाटा 2009-10 में 5.1 अरब डॉलर था, जो 2013-14 में बढ़कर 8.27 तक जा पहुंचा है।

भारत और दक्षिण कोरिया ने सोमवार को संशोधित दोहरे कराधान से बचाव संधि पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को बढ़ाने को अगले साल के मध्य से मुक्त व्यापार संधि के दायरे को बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा। मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने जून, 2016 तक भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक भागीदारी करार (सीईपीए) में संशोधन का भी स्वागत किया।
विज्ञापन

टैगोर ने कहा था लैंप ऑफ ईस्ट है कोरिया

पीएम मोदी ने कहा कि हम एक अलग व्यवस्था बनाएंगे, जिसे ‘कोरिया प्लस’ कहा जाएगा। इससे कोरियाई कंपनियों के लिए भारत में निवेश एवं कारोबार करना बेहद आसान हो जाएगा।

पीएम ने भारत में अपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार की विदेश नीति पर जमकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पहले की ‘पूरब की ओर देखो (लुक ईस्ट)’ नीति अब बहुत हो चुकी है। अब जमाना ‘पूरब के लिए काम करने(यानी एक्ट ईस्ट पॉलिसी)’ का है।

पीएम ने कहा कि 30 साल पहले का कोरिया अलग था। 80-90 साल पहले टैगोर ने देखा था कि कोरिया लैंप ऑफ ईस्ट है। यहां की जनता ने रवींद्रनाथ  टैगोर की बात को सही साबित किया। उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि सदियों पहले अयोध्या की राजकुमारी सूर्य रत्ना की शादी कोरिया के राजकुमार किम से हुई। भारत-कोरिया के बीच इस तरह के पुरातन रिश्ते से भी लोगों को गर्व है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें