नरेंद्र मोदी बुधवार को लगातार चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने। प्रदेश में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने शानदार जीत हासिल की थी, लेकिन उनका शपथ ग्रहण समारोह इससे भी धमाकेदार रहा। अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में हुई इस ताजपोशी में मोदी की ताकत का जलवा दिखा।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के लगभग सभी दिग्गज नेता और मुख्यमंत्री तो शामिल थे ही, जद(यू) को छोड़कर पूरा राजग उनकी जीत के इस जश्न में शरीक हुआ। इसे 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए मोदी के पीएम पद की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अटल बिहारी वाजपेयी के समय राजग का कुनबा 24 दलों तक पहुंच गया था, जो अब घटते-घटते चार-पांच पार्टियों का रह गया है। लेकिन मोदी के शपथ ग्रहण के मौके पर यह कुनबा एक बार फिर अपने पंख फैलता दिखा। समारोह में मौजूदा सहयोगियों के साथ कुछ पुराने साथी भी नजर आए।
इनमें अन्नाद्रमुक सुप्रीमो और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता तथा इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला प्रमुख थे। सबसे चौंकाने वाली बात शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ मनसे प्रमुख राज ठाकरे की समारोह में मौजूदगी रही। उनके साथ आरपीआई नेता रामदास अठावले भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे थे।
उधर, जद(यू) के समारोह से नदारद रहने को मोदी और नीतीश कुमार की सियासी वैर का नतीजा माना जा रहा है। वैसे समारोह में बीजद प्रमुख नवीन पटनायक और तदेपा मुखिया चंद्रबाबू नायडू भी नहीं दिखे। वे दोनों कभी राजग के प्रमुख घटक दल हुआ करते थे।