लोकसभा तथा इससे पहले होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए भाजपा यूपीए सरकार पर तीखे हमले को चुनावी हथियार बनाएगी।
मंगलवार को हुई पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में गोवा में 7 से 9 जून तक होने जा रही पार्टी पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एजेंडे पर चर्चा हुई।
बैठक में यूपीए सरकार को बैकफुट पर धकेलने के लिए भ्रष्टाचार, महंगाई, सुरक्षा जैसे मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया।
लोकसभा चुनाव के लिए हम तैयार: भाजपा
इसी कड़ी में पार्टी ने यूपीए सरकार की कथित असफलता के खिलाफ 27 मई से दो जून तक देश भर में जेल भरो आंदोलन चलाने की घोषणा की।
बोर्ड की बैठक में पहली बार हिस्सा लेने आए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार को घेरने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल का मंत्र दिया।
गोवा बैठक के लिए एजेंडा तय करने को हुई बैठक में मुख्य रूप से लोकसभा चुनाव के साथ-साथ इससे पहले पार्टी के प्रभाव और सत्ता वाले राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर चर्चा हुई।
पार्टी का आकलन है कि लोकसभा में जीत हासिल करने के लिए पार्टी के लिए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली में जीत हासिल करना जरूरी है।
इन राज्यों में लोकसभा चुनाव से पहले ही विधानसभा चुनाव होने हैं। अगर इन राज्यों में पार्टी को हार मिलती है तो लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के सपने को पूरा करना कठिन हो जाएगा।
यही कारण है कि पार्टी ने गोवा में लोकसभा के साथ-साथ इन राज्यों के विधानसभा चुनावों में जीत की अकाट्य रणनीति बनाने का फैसला किया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बैठक में आम सहमति से यूपीए सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, महंगाई और सुरक्षा के मुद्दे पर बेहद आक्रामक रणनीति बनाने का फैसला किया गया।
सभी की राय थी कि इन मुद्दों पर लोकसभा चुनाव तक कार्यक्रमों का दौर जारी रख कर यूपीए सरकार की विफलताओं का जमकर आक्रामक अंदाज में प्रचार किया जाना चाहिए।
पार्टी महासचिव अनंत कुमार ने बताया कि संसदीय बोर्ड की बैठक में गोवा की बैठकों के एजेंडे पर चर्चा की गई। मोदी ने युवाओं को पार्टी से जोड़ने और यूपीए सरकार के खिलाफ खड़ा करने के लिए सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल का मंत्र दिया।
इस संबंध में भी गोवा की बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि गोवा की बैठक में हमेशा की तरह आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से संबंधित प्रस्ताव पेश किए जाएंगे।
इन मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही यूपीए सरकार की असफलताओं को जनता के बीच ले जाने की रणनीति भी तैयार होगी।
कुमार ने कहा कि बुधवार को वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली यूपीए सरकार के नौ साल पूरे होने पर उसकी असफलताओं का कच्चा चिट्ठा खोलेंगे।